विश्राम गृह है या मयखाना...!
जैतारण/पाली(आईबीखान) जैतारण तहसील क्षेत्र के पटवारीयो इत्यादि के लिए जैतारण तहसील कार्यालय के समीप बना पटवारीयो का विश्राम गृह इन दिनों मयखाना बनने लगा है।इस विश्राम गृह मे खाली पडी बीयर एवं शराब की बोतलें देखकर यह सहज अँदाजा लगाया जा सकता है कि यहां जमकर जाम छलकते है।विश्राम गृह मे यह जाम कोई राहगीर या कोई आम आदमी नहीं बल्कि यहां ठहरने वाले ही जाम छलकाते होगे!क्योंकि इस विश्राम गृह मे पटवारीयो के अलावा और कोई ठहरता भी नहीं और जो ठहरते भी होगें तो बिना पटवारीयो की रजामँदी से कोई अन्य यहां बीयर और शराब की बोतलें लाने की हिमाकत नहीं कर सकता, सरकारी भवन मे इस तरह खाली बीयर एवं शराब की बोतलें पाया जाना कोई मामूली बात नहीं है।शुक्रवार को जब इस रिपोर्टर ने जैतारण पटवार विश्राम गृह मे अपने काम के सिलसिले मे वहां पहुंचा तो वहां शराब की बदबू आ रही थी।हमने जब इसकी तहकीकात की तो पाया की विश्राम भवन की छत की सीढियो पर सैकड़ो खाली बोतलें इस बात की गवाही दे रही थी कि यहां हररोज जाम छलकते है,क्योंकि एक दिन मे सैकड़ों खाली बोतलें एकत्रित नहीं होती, वैसे भी आसपास मे कोई कब्बाडी का गौदाम भी नहीं जिसे यह मान लिया जाय की किसी कब्बाडी ने बेचने के लिए सुरक्षित रखी होगी।जैतारण के इस सरकारी इमारत मे एक साथ इतनी बोतलें पाया जाना कई प्रश्न चिन्ह खडे होने लगे है।सवाल यह भी है की आखिर यहां बीयर और शराब का सेवन कौन करता है यह भी एक जाच का विषय बन गया है।इस सम्बंध मे हमने मौके पर मौजूद कुछ कार्मिको से इसबारे मे जानकारी प्राप्त करने का भी प्रयास किया, लेकिन मौके पर उपस्थित कार्मिको ने यह कहते मना कर दिया की हमें पता नहीं है,लेकिन आप इसे छापना मत...।हैरानी की बात तो यह है की तहसील कार्यालय के पास ही बने इस भवन मे इस प्रकार की गतिविधियां चल रही है और किसी अधिकारी को कानो खबर नहीं...!
विश्रामघर नही है, वाईनघर है ।
जवाब देंहटाएंपटवारी एकता जिंदाबाद