आखिर कब तक आएगे जलापूर्ति मे जहरीले सर्प...। जैतारण-आईबीखान
जैतारण शहर मे जलदाय विभाग व्दारा शहर मे की जा रही जलापूर्ति के साथ उपभोक्ताओं के नलो मे जहरीले सर्प निकलने का सिलसिला फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।हालांकि जलदाय विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जलापूर्ति के साथ ऐसे कोई जहरीले जीव जन्तु निकलने की बात को खारिज कर रहे है,लेकिन हकीकत यह है की शहर के अनेक गली मौहलो मे पिछले लम्बे समय से उपभोक्ताओं के व्दारा जलापूर्ति के समय उनके नलो से जहरीले सर्प के छोटे छोटे बच्चे निकलने की शिकायत करते आ रहे है,मगर जलदाय विभाग इस शिकायत को नकारता ही रहा है।शनिवार को पोकरणा की पोल के मेरे एक पाठक ने उनके नल से निकले जहरीले सर्प के बच्चों को बोतल मे बँद कर मेरे पास लेकर पहुंचे।दर असल जलदाय विभाग का तर्क अपनी जगह मुझे सही लगा,उनका कहना है कि शहर की जलापूर्ति पम्पिग सिस्टम से होती है जहां ऐसे जीव पम्प से आगे नहीं जा सकते।मगर सवाल यह है कि क्या जलदाय विभाग शहर की क्षतिग्रस्त पाईप लाईनो के माध्यम भी तो यह जीव पाईप लाईन मे प्रवेश तो कर ही सकते है।यही नहीं शहर के अधिकतर उपभोक्ताओं के नल खुले ही रहते है।क्या जलदाय विभाग ऐसी क्षतिग्रस्त पाईप लाईनो को समय पर दुरस्त करने की कार्यवाही करता है,वहीं खुले नल रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कभी कोई कार्यवाही की गई।यदि नहीं तो फिर उपभोक्ताओं के नलो मे सर्प निकलने के जिम्मेदार जितने उपभोक्ता है,उससे बडा जिम्मेदार स्वयं जलदाय विभाग भी है।बहरहाल अपनी जिम्मेदारी से मुह मौडने की बजाय विभाग को शहर मे क्षतिग्रस्त पडी पाईप लाईनो को समय पर ठीक करने के साथ नलो को खुला छोडने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए...9413063300
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