केवल सर्वे ही नही,किसानो को मुआवजा भी मिले..
जैतारण- आई.बी.खांन...
जैतारण उपखण्ड क्षेत्र में बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र के किसानों की फसलो को हुए व्यापक नुकसान का भले जिला प्रशासन के दिशा निर्देश पर स्थानीय प्रशासन के द्वारा क्षेत्र में फसल खराबा का सर्वे करवाया जाने लगा है,लेकिन अधिकाश किसान इन सर्वे से तनिक भी संतुष्ट होते दिखाई नही दे रहे है। किसानो का कहना है कि राज्य सरकार हर बार प्राकृतिक आपदाओ एवं बेमौसमी बरसात होने के बाद उनके खेतो का सर्वे तो करवाने के लिए अधिकारीयो एवं पटवारीयो को मौके पर भेजती है,लेकिन सर्वे होने के बाद इस सर्वे का उनको कोई लाभ नही मिलता है। जैतारण क्षेत्र के प्रगतिशील काश्तकार माधोराम सीरवी एवं युवा किसान नेता हीरालाल भाटी ने बताया कि जैतारण क्षेत्र में बेमौसमी बरसात के कारण किसानो की रबी की फसलो को व्यापक नुकसान हुआ है। उन्होने बताया कि किसानो के द्वारा रबी की फसलो की कटाई करके उनको खेतो में खुले आसमान तले रख रखा था तो कई किसानो की फसले कटाई के लिए तैयार थी लेकिन इस बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि ने इन किसानो के घावों को और गहरा कर दिया है। उन्होने बताया कि खरीफ की फसलो पर भी इन भूमिपुत्रो पर ऐसे ही प्राकृतिक मार पडी थी,जहां उस समय भी राज्य सरकार ने कुछ स्थानो पर स्थानीय प्रशासन के द्वारा सर्वे तो करवाया गया लेकिन सर्वे के बाद आज दिन तक उन प्रभावित किसानो को मुआवजे के नाम पर फूटी कोडी तक नही मिली। क्षेत्र के कई किसानो ने पुराने जख्मों को भूलाकर इसबार जैसे तैसे करके रबी की फसलो की बुवाई की मगर भगवान ने ऐनवक्त पर उनकी पकी पकाई फसलो पर एकबार में ही पानी फेर दिया। ऐसे में प्रशासन इन किसानो की सुध लेने के लिए उनके खेतो में पहुंचकर फसल खराबे का सर्वे तो कर रहे है लेकिन किसानो को यह अंदेशा है कि कई पूर्व की भॉती इसबार भी यह सर्वे की रिपोर्ट मात्र कागजी फाईलो में दफन होगी या फिर उनको इसके बदले में कुछ मुआवजा भी मिलेगा भी या नही...?
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