तो क्या जैतारण शहरी निकाय मे भी अब सुलगने लगी है कोई चिंगारी...!
जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण शहरी निकाय मे नगरीय निकाय के नियमानुसार पालिका बोर्ड की बैठकें आयोजित नहीं किये जाने के कारण शहरी विकास सहित दिगर कार्यों की समय पर क्रियान्विती न होने से क्षुब्ध स्थानीय निकाय के सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों ने आज पहली बार शहरी मुख्याजी से पालिका बोर्ड की जल्द बैठक आहूत करने को लेकर शहरी मुख्याजी सहित अधिशाषी अधिकारी को लगभग 18 पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर कर उनको थमाया गए इस मांग पत्र को देखकर अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि यहां न तो सतापक्ष और न ही विपक्षी सदस्य मुख्याजी की लेटलतीफ कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है।पालिका बोर्ड के सदस्यों ने भले ही इस पत्र मे बैठक जल्द आहूत करने की मांग की गई हो,लेकिन जिस तरह सतापक्ष के आठ सदस्यों ने विपक्षी सदस्यों के साथ मिलकर इस पत्र पर अपने हस्ताक्षर किये है,मगर जिस एकजुटता के साथ इन्होंने पत्र दिया उसे एक अनाडीकलमकार होने के नाते मे मेरा यह मानना है की यदि पक्ष एवं विपक्ष का यह तालमेल आगे तक जारी बना रहा तो यह मुख्याजी के लिए अच्छा संकेत नहीं है।विपक्षी सदस्यो का विरोध करना उनका अधिकार है और मजबूत विपक्ष के लिए ऐसा करना लाजमी है,लेकिन सतापक्ष पार्टी के कुल दस सदस्यों मे से आठ सदस्यों के व्दारा विपक्षी सदस्यों के साथ मिलकर उस पत्र पर हस्ताक्षर करना अच्छे संकेत नहीं है।इन 18 सदस्यों ने पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित करवाने के लिए जो पत्र अधिशाषी अधिकारी को दिया गया है,उसमें इन्होंने लिखा की दो माह के भीतर बैठक आयोजित नहीं करना घोर लापरवाही एवं मुन्सिपल्टी एक्ट 51(2) के खिलाफ है।उन्होंने लिखा की वर्तमान मे नगरपालिका मे अतिक्रमण बाबत कई मामले विचाराधीन है व राजस्व अभियान के भी कई कार्य को बोर्ड की बैठक मे लेने है।इन सभी के बारे मे भी बोर्ड प्रस्ताव होते है व नगर सुधार के लिए भी कई कार्य बोर्ड मे लेने है,लेकिन पिछले दो माह से पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं होने से यह मामले अटके पडे है।इन सदस्यों ने ईमली बाजार चौक का जो प्ररकरण स्थानीय निकाय विभाग के पत्र बनाम 6/9/17 दिनांक के तहत क्र.न.4705 बोर्ड के क्षेत्राधिकार बताया गया है जिसका भी निष्पादन किये जाने के साथ साथ इस पत्र मे सफाई कर्मियों की भर्ती सहित दिगर बातो पर बोर्ड की बैठक मे अहम चर्चा करना जरूरी बताया है,लेकिन मुख्याजी व्दारा पिछले दो माह से पालिका बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा रही है।सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों के बैठक आयोजित करने के संबंध मे लगभग 18 जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त पत्र देने के पिछे कई सियासी मायने छिपे हुए है।अब देखना यह है कि सतापक्ष सहित विपक्ष सहित कुल 18 सदस्यों व्दारा बैठक आयोजित करने के संबंध मे दिये अपने मांग पत्र पर शहरी निकाय के मुख्याजी पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित करने की तिथि इनके दबाव मे आकर तय करते है या नहीं...!इस अनाडीकलमकार के पास जो सियासी जानकारी मिली है,उससे पता चला है की इसके पीछे गहरा रहस्य छिपा हुआ है।जिस रहस्य को फिलहाल किसीके समझ मे नहीं आ रहा है।सही शब्दों मे कहूं तो जैतारण शहरी निकाय मे धीरे धीरे सियासी चिगारिया सुलगते लगी है...9413063300
जैतारण शहरी निकाय मे नगरीय निकाय के नियमानुसार पालिका बोर्ड की बैठकें आयोजित नहीं किये जाने के कारण शहरी विकास सहित दिगर कार्यों की समय पर क्रियान्विती न होने से क्षुब्ध स्थानीय निकाय के सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों ने आज पहली बार शहरी मुख्याजी से पालिका बोर्ड की जल्द बैठक आहूत करने को लेकर शहरी मुख्याजी सहित अधिशाषी अधिकारी को लगभग 18 पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर कर उनको थमाया गए इस मांग पत्र को देखकर अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि यहां न तो सतापक्ष और न ही विपक्षी सदस्य मुख्याजी की लेटलतीफ कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है।पालिका बोर्ड के सदस्यों ने भले ही इस पत्र मे बैठक जल्द आहूत करने की मांग की गई हो,लेकिन जिस तरह सतापक्ष के आठ सदस्यों ने विपक्षी सदस्यों के साथ मिलकर इस पत्र पर अपने हस्ताक्षर किये है,मगर जिस एकजुटता के साथ इन्होंने पत्र दिया उसे एक अनाडीकलमकार होने के नाते मे मेरा यह मानना है की यदि पक्ष एवं विपक्ष का यह तालमेल आगे तक जारी बना रहा तो यह मुख्याजी के लिए अच्छा संकेत नहीं है।विपक्षी सदस्यो का विरोध करना उनका अधिकार है और मजबूत विपक्ष के लिए ऐसा करना लाजमी है,लेकिन सतापक्ष पार्टी के कुल दस सदस्यों मे से आठ सदस्यों के व्दारा विपक्षी सदस्यों के साथ मिलकर उस पत्र पर हस्ताक्षर करना अच्छे संकेत नहीं है।इन 18 सदस्यों ने पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित करवाने के लिए जो पत्र अधिशाषी अधिकारी को दिया गया है,उसमें इन्होंने लिखा की दो माह के भीतर बैठक आयोजित नहीं करना घोर लापरवाही एवं मुन्सिपल्टी एक्ट 51(2) के खिलाफ है।उन्होंने लिखा की वर्तमान मे नगरपालिका मे अतिक्रमण बाबत कई मामले विचाराधीन है व राजस्व अभियान के भी कई कार्य को बोर्ड की बैठक मे लेने है।इन सभी के बारे मे भी बोर्ड प्रस्ताव होते है व नगर सुधार के लिए भी कई कार्य बोर्ड मे लेने है,लेकिन पिछले दो माह से पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं होने से यह मामले अटके पडे है।इन सदस्यों ने ईमली बाजार चौक का जो प्ररकरण स्थानीय निकाय विभाग के पत्र बनाम 6/9/17 दिनांक के तहत क्र.न.4705 बोर्ड के क्षेत्राधिकार बताया गया है जिसका भी निष्पादन किये जाने के साथ साथ इस पत्र मे सफाई कर्मियों की भर्ती सहित दिगर बातो पर बोर्ड की बैठक मे अहम चर्चा करना जरूरी बताया है,लेकिन मुख्याजी व्दारा पिछले दो माह से पालिका बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा रही है।सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों के बैठक आयोजित करने के संबंध मे लगभग 18 जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर युक्त पत्र देने के पिछे कई सियासी मायने छिपे हुए है।अब देखना यह है कि सतापक्ष सहित विपक्ष सहित कुल 18 सदस्यों व्दारा बैठक आयोजित करने के संबंध मे दिये अपने मांग पत्र पर शहरी निकाय के मुख्याजी पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित करने की तिथि इनके दबाव मे आकर तय करते है या नहीं...!इस अनाडीकलमकार के पास जो सियासी जानकारी मिली है,उससे पता चला है की इसके पीछे गहरा रहस्य छिपा हुआ है।जिस रहस्य को फिलहाल किसीके समझ मे नहीं आ रहा है।सही शब्दों मे कहूं तो जैतारण शहरी निकाय मे धीरे धीरे सियासी चिगारिया सुलगते लगी है...9413063300
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