सरकार का विरोध या चैधरी का शक्ति प्रदर्शन आई.बी.खांन की कलम से विशेष
जैतारण-पाली...आई.बी.खांन
पूर्व संसदीय सचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिलीप चैधरी की अगुवाई में शुक्रवार को जैतारण उपखण्ड मुख्यालय पर आयोजित राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो के खिलाफ जन प्रदर्शन के आयोजन में चैधरी ने एक तीर में दो शिकार करके न केवल राज्य सरकार का विरोध प्रदर्शन किया बल्कि इस प्रदर्शन के बाहने लगे हाथ अपना शक्ति प्रदर्शन भी कर दिया।
उल्लेखनीय है कि वैसे तो प्रदेश कांग्रेस कमेठी ने विगत 28 सितम्बर को राज्य सरकार के द्वारा बिजली की दरो में बढोेतरी करने के विरोध में प्रदेश व्यापी प्रदर्शन का आव्हान किया गया था जहां स्थानीय ब्लांक कांग्रेस ने प्रदेश आलाकमान के निर्देश पर विरोध प्रदर्शन कर अपना विरोध जता दिया था। लेकिन पूर्व संसदीय सचिव दिलीप चैधरी ने इसके उलट शुक्रवार को उपखण्ड कार्यालय के बाहर अपने समर्थको एवं कांग्रेसजनो की भीड एकत्रित करके न केवल राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो का जमकर विरोध किया बल्कि इस विरोध प्रदर्शन के बहाने लगे हाथ पार्टी आलाकमान को दिखाने के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन करके यह बताने का प्रयास किया की आमजन उनके साथ है। चैधरी चाहते तो प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर 28 सितम्बर को भी यह कार्यक्रम कर सकते थे,लेकिन इससे पहले ब्लांक कांग्रेस कमेठी ने उपखण्ड कार्यालय के बाहर चुनिदा पदाधिकारीयो के साथ अपना आक्रोश प्रकट किया। यह जगजाहिर है कि जैतारण में कांग्रेस की आपसी कलह के कारण यहां कांग्रेस दो गुटो में विभाजित है ऐसे में चैधरी ने पार्टी आलाकमान को यह संदेश देने के लिए आज एक तीर से लगे हाथ दो निशाने लगाने में कामयाब रहे। चैधरी ने इस दौरान राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो का न केवल विरोध किया बल्कि लगे हाथ जैतारण विधानसभा की विभिन्न समस्याओ का उल्लेख कर स्थानीय विधायक एवं राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्री सुरेन्द्र गोयल पर तीखे प्रहार किये। इधर ब्लांक कांग्रेस कमेठी का कहना है कि जब प्रदेश कांग्रेस कमेठी ने प्रदेशभर में 28 सितम्बर को राज्य सरकार के खिलाफ जन आन्दोलन करने का आव्हान किया गया था तो उस समय चैधरी ने उसकी पालना क्यो नही करते हुए आज आयोजन करके वे स्वयं यह आमजन को यह बताने का प्रयास किया की जैतारण कांग्रेस एक नही है। एक कडवी सच्चाई यह भी है कि जैतारण में चैधरी एक मात्र नेता है जो भीड को एकत्रित करने महारथी है। बहरहाल जो भी हो,चैधरी ने आज राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस के बैनर तले जो प्रदर्शन किया है उससे तो यह जाहिर होता है कि चैधरी ने राज्य सरकार के विरोध के साथ-साथ अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया। यह दिगर बात है कि प्रदेश कांग्रेस कमेठी इस शक्ति प्रदर्शन को अब कितना महत्व देता है यह आने वाला समय ही बतायेगा।
पूर्व संसदीय सचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिलीप चैधरी की अगुवाई में शुक्रवार को जैतारण उपखण्ड मुख्यालय पर आयोजित राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो के खिलाफ जन प्रदर्शन के आयोजन में चैधरी ने एक तीर में दो शिकार करके न केवल राज्य सरकार का विरोध प्रदर्शन किया बल्कि इस प्रदर्शन के बाहने लगे हाथ अपना शक्ति प्रदर्शन भी कर दिया।
उल्लेखनीय है कि वैसे तो प्रदेश कांग्रेस कमेठी ने विगत 28 सितम्बर को राज्य सरकार के द्वारा बिजली की दरो में बढोेतरी करने के विरोध में प्रदेश व्यापी प्रदर्शन का आव्हान किया गया था जहां स्थानीय ब्लांक कांग्रेस ने प्रदेश आलाकमान के निर्देश पर विरोध प्रदर्शन कर अपना विरोध जता दिया था। लेकिन पूर्व संसदीय सचिव दिलीप चैधरी ने इसके उलट शुक्रवार को उपखण्ड कार्यालय के बाहर अपने समर्थको एवं कांग्रेसजनो की भीड एकत्रित करके न केवल राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो का जमकर विरोध किया बल्कि इस विरोध प्रदर्शन के बहाने लगे हाथ पार्टी आलाकमान को दिखाने के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन करके यह बताने का प्रयास किया की आमजन उनके साथ है। चैधरी चाहते तो प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर 28 सितम्बर को भी यह कार्यक्रम कर सकते थे,लेकिन इससे पहले ब्लांक कांग्रेस कमेठी ने उपखण्ड कार्यालय के बाहर चुनिदा पदाधिकारीयो के साथ अपना आक्रोश प्रकट किया। यह जगजाहिर है कि जैतारण में कांग्रेस की आपसी कलह के कारण यहां कांग्रेस दो गुटो में विभाजित है ऐसे में चैधरी ने पार्टी आलाकमान को यह संदेश देने के लिए आज एक तीर से लगे हाथ दो निशाने लगाने में कामयाब रहे। चैधरी ने इस दौरान राज्य सरकार की जनविरोधी नितियो का न केवल विरोध किया बल्कि लगे हाथ जैतारण विधानसभा की विभिन्न समस्याओ का उल्लेख कर स्थानीय विधायक एवं राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्री सुरेन्द्र गोयल पर तीखे प्रहार किये। इधर ब्लांक कांग्रेस कमेठी का कहना है कि जब प्रदेश कांग्रेस कमेठी ने प्रदेशभर में 28 सितम्बर को राज्य सरकार के खिलाफ जन आन्दोलन करने का आव्हान किया गया था तो उस समय चैधरी ने उसकी पालना क्यो नही करते हुए आज आयोजन करके वे स्वयं यह आमजन को यह बताने का प्रयास किया की जैतारण कांग्रेस एक नही है। एक कडवी सच्चाई यह भी है कि जैतारण में चैधरी एक मात्र नेता है जो भीड को एकत्रित करने महारथी है। बहरहाल जो भी हो,चैधरी ने आज राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस के बैनर तले जो प्रदर्शन किया है उससे तो यह जाहिर होता है कि चैधरी ने राज्य सरकार के विरोध के साथ-साथ अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया। यह दिगर बात है कि प्रदेश कांग्रेस कमेठी इस शक्ति प्रदर्शन को अब कितना महत्व देता है यह आने वाला समय ही बतायेगा।
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