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*किसानों पर फिर घिरी आसमां की आफत...!* जैतारण/पाली(आईबीखान)


जैतारण/पाली(आईबीखान)
लगता है भगवान इन्द्रदेव किसानों की अग्नि परीक्षा ले रहा है।मारवाड-गोडवाड से लगभग अलविदा हो चुके मानसून ने एकबार फिर सक्रिय होकर इसबार किसानों को राहत की नहीं बल्कि आफत की बरसात कर उनके अरमानो पर बरसाती पानी फेरने पर तुला हुआ है।दो दिन पहले मारवाड-गोडवाड के किसानों की फसलों एवं उनके सपनों को चकनाचूर करने के बाद मगलवार को फिर बेमौसमी बरसात ने किसानों पर कहर बरपाया।जैतारण मे दोपहर बाद तेज मेघ घर्जना के साथ कई पर बादल जमकर बरसे तो कई जगहों पर रिमझिम-रिमझिम बरसकर फसलों को पानी से मानो धोकर रख दिया।पहले की बर्बादी के जख्म किसानों के अभी भरे ही नहीं की आज फिर उन पर आसमां से बरसात रूपी आफत घिर पडी।इस बेमौसमी बरसात से किसानों की मूग,तिल-तिल्ली,बाजरे,ग्वार,ज्वार एवं मेहन्दी की कटाई हो चुकी फसलों मे भारी नुकसान हुआ है।सनद रहे की जैतारण इलाके मे पानी की कमी के कारण यहां के 85 प्रतिशत किसान इस ऋतु मे ही सालभर की फसल लेकर अपने परिवार की आजीविका चलाते है,मगर कुदरत ने किसानों की इन फसलों पर अब पानी फेर दिया है।हालांकि जैतारण इलाके मे यू तो कई किसानों ने एक सप्ताह पहले ही अपनी फसलों की कटाई कर उनकी उपज लेने मे कामयाब रहे मगर बदकिस्मती से कई किसान समय पर मजदूर नहीं मिलने एवं मजदूरी महगी होने के कारण समय पर फसलों की कटाई नहीं कर पाये थे।अब जब वे अपनी फसलों की कटाई कर उनकी उपज ले ही रहे थे तो इस बरसात ने उनकी कट कटाई फसलों पर खेतों मे पानी फेर दिया है।एक अनुमान के तौर पर इस बेमौसमी बरसात के कारण अकेले जैतारण क्षेत्र के किसानों को करोडो का नुकसान हुआ है।मगलवार को मारवाड-गोडवाड क्षेत्रभर मे बेमौसमी बरसात होने के समाचार मिले है...।
*चँद किसानों को होगा फायदा*
मारवाड-गोडवाड मे इस बेमौसमी बरसात के कारण यधिपि कई किसानों को नुकसान हुआ है तो कई किसानों के लिए यह बरसात अब फायदेमंद साबित होगी।असल मे जो किसान अपने खेत मे चन्ना,तारामीरा एवं रायडे की बुवाई करेंगे उनके लिए यह बरसात अब फायदेमंद साबित होगी।कृषि के जानकर लोगों का तो यही मत है। 9413063300

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