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jaitaranकिसानो पर फिर छाये संकट के बादल

जैतारण-आई.बी.खांन
बेमौसमी बरसात एवंओलावृष्टि से अपनी खराब हुई फसलो का खामियाजा भुगत चुके जैतारण क्षेत्र के किसानो की फसलों पर एकबार फिर संकट के बादल मंडाराने लगे है। पिछले दो तीन दिनो से मौसमी मंत्र में यकायक आये बदलाव एवं आसमान में बादलो की आवाजावी को लेकर किसान अपनी फसलो कोलेकर चिन्तित हो रहे है। पिछले दो तीन दिनो तेज हवाएं चलने के साथ ही आसमान में बादलो ने अपना डेरा जमा रखा है जिसको देखकर लगता है कि इस इलाके में एकबार फिर बेमौसमी बरसात हो सकती है। इधर आसमान में बादल छाने के कारण किसानो के खेतो में खडी जीरे की फसलो में छाछिया रोग लगने की आशंका बढ गई है। हालाकि कृषि क्षेत्र से जुडे लोग इनके बचाव के उपाय कर रहे है लेकिन किसान को इस बात का भय है कि कई उनकी मेहनत पर यह बादल फिर से पानी नही फेर दे। युवा किसान नेता हीरालाल भाटी राबडियावास के अनुसार मौसमी तंत्र में बदलाव आनेसे इलाके के किसान इन दिनो अपनी फसलो को लेकर खासा परेशान है। उनके अनुसार माह फरवरी में अमुमन जीरे एवं गेहू की फसलेलहलाहने लगती है मगर बादलो की आवाजावी एवं फिर मावठ की बरसात होने की आशंका इन दिनो किसानो को परेशान कर रही है। उन्होने बताया कि पिछले दिनो हुई बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि के कारण किसानो की फसलो को भारी नुकसान हुआ था,अब यदि फिर बरसात होती है तो इन किसानो का दोहरा नुकसान हो जायेगा। जैतारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में गत दो दिनो से तेज हवाएं चलने के साथ ही आसमान में बादलो की आवाजावी बनी हुई। तेज हवाओ के कारण यहां सायं को सर्दी का असर भी फिर बढ गया है अलबता कुछ दिनो पहले तापमान में गिरावट आने के कारण सर्दी का असर थोडा कम हो गया था।9413063300

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