हे भगवान यह कैसी परीक्षा ले रहे है आप...!
जैतारण(आईबीखान)।
जैतारण नगर सहित ग्रामीण अंचलो मे पिछले दो तीन दिनो से मौसमी तंत्र मे फिर आये बदलाव के कारण आसमान मे बादलो की आवाजाही देख क्षेत्र के किसानो के माथे चिन्ता के बादल मंडराते देख अब किसान यह कहने लगे है कि हे भगवान यह कैसी परीक्षा ले रहे हो...! बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि के गहरे जख्म अभी भरे ही नही की एकबार फिर इन बादलो ने किसानो को खासा परेशानी मे डाल दिया है।बादलो की आवाजाही एवं बरसात की संभावना को देखते हुए क्षेत्र के किसान अपनी फसलो की कटाई मे व्यस्त हो गये है।प्रगतिशील किसान एवं युवा किसान नेता हीरालाल भाटी राबडियावास ने बताया की जैतारण क्षेत्र मे पिछली बार हुई बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि के जख्म इन किसानो के अभी भरे ही नही की एकबार फिर किसानो पर संकट के बादल मंडराने से किसानो के समक्ष नई आफत आ खडी हो गई है।उन्होने बताया की मौसम खराब होने एवं बादलो के कारण जीरे की फसलो मे रोग लगने लगा है,उन्होने बताया की अधिकतर किसान अपने जीरे एवं रायडा,सोफ,चन्ने इत्यादि फसलो की कटाई कर उनको खलियानो मे खुले आसमान तले रखा जा रहा है मगर इन बादलो को देखकर किसान खासा चिन्तित है।भाकरवास ग्राम के प्रगतिशील काश्तकार माधोराम सीरवी ने बताया की जैतारण क्षेत्र मे मौसम खराब होने तथा आसमान मे बादल मंडराने से किसान अपनी तैयार फसलो को लेकर परेशान है।उन्होने बताया की भाकरवास,झुझण्डा,आगेवा,देवरीया,गरनीया,बेडकला आदि दर्जनो गांवो के किसान इन बादलो को देखते हुए अपनी फसलो की कटाई करने मे व्यस्त हो गये,किसानो को इसबात का भय सताने लगा है कि यदि बरसात हो गई तो उनकी तैयार फसले खराब हो जाएगी,बहरहाल बदलते मौसम को देखकर क्षेत्र का हर किसानो के मन मे एक ही सवाल उठ रहा है कि हे भगवान यह कैसी परीक्षा ले रहे है...!9413063300
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