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अभी तो आगाज हुआ है,देखते है आगे आगे होता है क्या


जैतारण(आईबीखांन)।
खबर का शिर्षक पढने में पाठको को भले ही अजीब लग रहा होगा,लेकिन यह कटू सत्य है की जैतारण नगरपालिका परिक्षेत्र मे सीवरेज लाईनो से अभी बदहाली का आगाज हुआ है,वो आने वाले दिनो मे इससे भी अधिक बदतर स्थिति से शहरवासीयो को न केवल देखनी पड़गी बल्कि उनको बदहाली का दंश भी झेलना पड़ेगा।अपने सीवरेज के करोड़ो रूपये के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के कतई विरोधी नही है।लेकिन सीवरेज के ठेकेदार एवं नगरपालिका के जबाबदेय लोग मिलकर जो कार्य कर रहे है,हम उसका विरोध जरूर जनभावनाओ के सम्मान मे करते है,अलबता इसके अलावा अपनी नियत मे कोई खोट नही है।बदहाली का आलम यह है कि शहर की तमाम सड़के जगह जगह काँच के मानिद तड़की हुई है तो सीवरेज बिछाकर इनके ठेकेदारो ने मामूली मिटटी डालकर उन सड़को को फोरी तौर पर पाट रखा है।चुकि 15 जून के बाद मारवाड़ मे मानसून दस्तख देने की उम्मीद है,लिहाजा बरसात के दिनो में इस शहर की जो दशा होने वाली है उसके नजारे अपने जहन मे अभी से घुमने लगे है।मे महाभारत के संजय की तरह भविष्य तो नही देख सकता लेकिन एक अनाड़ी कलमकार के रूप मे यह कयास जरूर लगा सकता की बरसात के दिनो तक यदि सीवरेज के ठेकेदारो ने इन बदहाल सड़को की स्थिति नही सुधारी तो इन सड़को पर वाहन जरूर धसेगे,और तो और लोगो का इन सड़को पर सुरक्षित निकलना भी आसान नही होगा।वर्तमान मे जैतारण मे सीवरेज के कारण आये दिन जगह जगह वाहन फसते रहते है तो क्या बरसात के समय मे यह वाहन सुरक्षित निकल पाएगे...शायद नही।इसके अलावा विभिन्न गली मौहलो मे खौदी हुई सड़को पर जब बरसात का पानी बहेगा तो लाजमी है वो अपने साथ मिटटी भी ले जाएगा,ऐसी स्थिति मे बरसात के दिनो मे इन गली कूचो मे कोई महारथी या भाग्यशाली ही होगा जो सुरक्षित निकल पाएगा।नगरपालिका एवं सीवरेज के ठेकेदारो के बीच रस्मो रिवाजो का जो दौर इसके शुभारंभ के साथ ही शुरू हुआ था,उन रिवाजो की रंगत अपन अच्छी तरह से देख भी रहे है और रस्मो रिवाजो के बदले जिनके अच्छे दिन आये है वो भी भली भाँति समझ रहे है।उनके भले ही अच्छे दिन आ गये है,मगर जैतारण के बुरे दिन तो अब शुरू होने वाले है जिनका अनुमान अच्छे दिन गुजारने वालो को नही है।अपन भले ही अनाड़ी कलमकार है मगर हमे आगामी बदहाल के संभावित दिनो में लोग माननीय मंत्रीजी को भी भला बुरा कहने से नही चुकेगे।क्योकि बरसात के दिनो मे जब इस शहर के हालात बिगड़ेगे तो लोग यह कहने से भी नही चुकेगे की यह वही  शहर है जहां के विधायक प्रदेश के दमदार मंत्री है,लेकिन इनके शहर की दशा यह है।अभी मेरी बात भले ही अजीब लग रही है,लेकिन याद रखना अभी तो आगाज ही हुआ है,देखते है आगे आगे होता है क्या...!चलते चलते अपन तो यही कहेगे की अपने जैसे अच्छे दिन इस शहर के भी लाने की पहल करनी चाहिए..।9413063300

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