एक पटटे के चक्कर में आखिर क्यो अटक गये सारे पटटे...!
जैतारण(आईबीखांन)।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार जैतारण नगर पालिका मे शुरू किये गये मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविर अभियान इन दिनो एक पटटे के चक्कर मे मानो अधर मे ही लटक गया है।इस अनोखे पटटे पर अधिशाषी अधिकारी के व्दारा नियमो का हवाला देकर अपने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है तो,ई.ओ.के इस अनोखे पटटे पर दस्तख नही करने पर अपना पलटवार करते हुए अब शेष पटटो पर पालिकाध्यक्षा ने भी अपने अधिकृत हस्ताक्षर नही करते हुए अपनी नाराजगी का इजहार कर इस शिविर से धीरे धीरे किनारा कर लिया है,नतीजन एक पटटे के चक्कर मे दर्जनो पटटे अध्यक्षा के अधिकृत हस्ताक्षरो के अभाव मे अटके गये है। शिविर मे अपना पटटा लेने की उम्मीदो को लिए लोग अब पटटे के लिए भटक रहे है।इस अनोखे पटटे के बारे मे इस अनाड़ी कलमकार ने तह तक जाकर पड़ताल की तो पता चला की यह पटटा जैतारण के एक प्रभावशाली नेता के रिश्तेदार का है जिसे तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल मे चलाये गये पटटा शिविर अभियान मे भी पटटा आवेदन नियमो के विपरित होने के कारण उस समय भी इस आवेदन पर टिप्पणीया करते हुए उसे निरस्त करते हुए इस जिन रूपी अनोखे पटटे को पालिका ने उस समय ही बोतल मे बंद कर दिया।लेकिन जैसे ही राज्य सरकार ने इस शिविर मे फिर से पटटे देने का ऐलान किया तो नेताजी ने जंतर मंतर फूंककर बोतल मे बंद पड़े जिन रूपी अनोखे पटटे के आवेदन को फिर से बोतल से बाहर तो निकलवाकर अन्य आवेदको के लिए परेशानी खडी करवा दी है।अब आलम यह है कि अधिकारी इस जिन रूपी पटटे के आवेदन को नियमो के विपरित बताकर इस पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट मना कर बकायदा फाईल पर अपनी टिका टिप्पणी तक लिख दी है, तो पालिकाध्यक्षा भी इस पटटे पर अधिकारी के हस्ताक्षर करने से मना करने पर उन्होने भी अधिकारी व्दारा तैयार किये गये शेष पटटो पर अपने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है।नतीजा यह निकला की अब एक भी पटटा पालिका फिलहाल किसी को देने की स्थिति मे नही है।अध्यक्षा एवं अधिशाषी अधिकारी के बीच चल रही इस खिचतान का असर इस शिविर पर भी पड़ रहा है।शिविर में अब तक एक भी आवेदक को न तो नगरपालिका पटटा दे पा रही है और न ही अध्यक्षा इन शिविरो मे अपनी रूचि दिखा रही है।इस विचित्र स्थिति मे यह शिविर मात्र औपचारिकता का ही रूप ले रहा है।शहर के लोगो को शिविर मे अबतक एक भी पटटा नही मिलने की भनक लगने पर यह अनाड़ी कलमकार पिछलो तीन दिनो से पालिका मे अपनी चपले घिस घिसते जबाबदेय अधिकारीयो के दरबार मे पहुचा,लेकिन कड़वी लेखनशैली से बदनाम हो चुके इस अनाड़ी को कोई हकिकत बताने को तैयार नही...!बुधवार शाम को जैसे तैसे करके अपन ने ई.ओ.साहब से मुखातीफ हुए और इस प्ररकरण पर बात छेडी तो उन्होने बताया कि यदि अध्यक्षा पटटो पर हस्ताक्षर नही करेगी तो वो डीएलबी को इसकी पाती लिखकर इसका नया फार्मूला निकालेगे।फार्मूला यह है कि यदि कोई अध्यक्ष पटटा आवेदन करने की निर्धारित अवधि तक हस्ताक्षर नही करे तो विभाग एक कमेठी का गठन कर पटटे जारी कर सकते है,शायद अब यही होगा...!मगर इस अनाड़ी को यह समझ मे नही आ रहा है की आखिर एक पटटे के लिए इतनी खिचतान क्यो,खिचतान का यह सिलसिला खत्म नही हुआ तो अभी तो पालिका को बहुतरे चैको पर भी तो अध्यक्षाजी के हस्ताक्षर करवाने है।कई उन पर भी हस्ताक्षर करने से मना कर दिया तो पालिका का सारा खेल ही बिगड़ जाएगा...चलते चलते अपनी तो यही दुआ है कि खुदा इस अजाब से बचा ले...9413063300
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