पहले करंट ने विकलांग बनाया उसे,और अब बेटे की अनुकंपा नौकरी के लिए भटक रहा है वह...!
जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण क्षेत्र के देवलीकलां ग्राम निवासी एक डिस्कामकर्मी को पहले करंट ने विकलांग बनाया और अब सेवानिवृति पाकर अपने बेटे को अनुकंपा नौकरी दिलाने के लिए डिस्काम कार्यलय पर लंबे समय से चक्कर काट रहा है,जहां डिस्काम न तो उसे स्वेच्छिक सेवानिवृति दे पा रहा है और न ही विकलांगता की वजह से उसके बेटे को अनुकंपा नौकरी दे पा रहा है।अपने विकलांगता का दंश झेलने वाले इस कर्मचारी की यह अजीब दास्ता है।जी हा अपन बात कर रहे है देवलीकलां निवासी भैरूदास की जो करीब आज से 11 साल पहले जैतारण-रामपुरा प्रमुख सड़क मार्ग पर स्थित बासनी दधवाडिया बिजली घर पर विधुत लाइन पर काम करते समय करंट आने से देवली कला निवासी भैरू दास अपने दोनों हाथ गवा बैठा भैरू दास अब स्वेच्छिक सेवानिवृति लेकर अपने स्थान पर अपने बेटे को अनुकंपा नौकरी दिलवाने के लिए संघर्षरत है,मगर डिस्काम उसकी एक नही मान रहा है।जैसा की बताया गया है कि भैरूदास इस आश्य को लेकर माननीय न्यायालय की शरण ली जहां माननीय न्यायालय ने उसे अनुकंपा नौकरी के लिए आदेश भी दिए लेकिन जोधपुर डिस्कॉम इनको सेवानिवृत्ति नहीं दे रहा है।और तो और इस अपंग भैरूदास सेचौकीदारी का काम करवा रहा है...! उल्लेखनीय है कि न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करने पर भारतीय मजदूर संघ जोधपुर के विधि प्रकोष्ठ ने उपनिदेशक को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया भेरूदास ने श्रमिक कल्याणकारी योजना के तहत स्वयं सेवानिवृत्ति लेकर अपने पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति की मांग की जिसे विभाग ने ठुकराने पर इस मामले को न्यायालय में दर्ज कराया जहां पर न्यायधीश संदीप मेहता ने 2 मार्च 2015 को भेरुदास की याचिका के पक्ष में फैसला सुनाया तो विभाग इनके विरुद्ध डीबी में अपील कर दी डीबी के न्यायाधीश गोविंद माथुर वह न्यायधीश जी आर मूलचंदानी मैं 9 फरवरी 2017 को पूर्ण न्यायालय के आदेश को यथावत रख दिया इसके बावजूद भी आदेश की पालना जोधपुर डिस्कॉम के उच्च अधिकारी नहीं कर रहे है |
-. यह है कानून जिस पर न्यायालय की लगी मोहर
विद्युत दुर्घटना का शिकार कोई भी दिव्यांग विकलांग श्रमिक अपनी इच्छा से विभाग की सेवा में बना रहना चाहता है तो निशक्त व्यक्ति ससमान अवसर अधिकार सरंक्षण एवं पूर्ण भागीदारी अधिनियम 1956 की धारा 47 के अनुसार उसे नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है किंतु विद्युत दुर्घटना से विकलांग श्रमिक अपनी स्वेच्छा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपने एक आश्रित को विभाग में प्रचलित नियम श्रमिक कल्याण कारी स्कीम आदेश क्रमांक आरएसई बी /एस3/एफ 3 ( 419 ) डी 2432 दिनांक 29 सितम्बर 1975 और उसके बाद कंपनी बनने पर जोधपुर डिस्कॉम आदेश क्रमांक 00124/ डी 498 दिनांक 11 सितम्बर 2001 के तहत मिलने वाले लाभ से रोका नहीं जा सकता
- सैनिक कल्याण बोर्ड में एडॉप्ट की स्कीम
जोधपुर जोधपुर डिस्कॉम की स्कीम को सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा अपने सैनिकों के लिए अडॉप्ट की है लेकिन जोधपुर डिस्कॉम की इस स्कीम को सैनिक कल्याण बोर्ड तो अपने यहां सैनिकों को दे रहा है लेकिन डिस्कॉम अपने कर्मचारियों को वंचित कर रहा है
- मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है
मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है मुझे सेवानिवृत्ति मिलेगी तथा मेरे बेटे को अनुकंपा नौकरी भी मिलेगी डिस्कॉम को कोर्ट के आदेश की पालना करनी चाहिए
भेरुदास, कर्मचारी जोधपुर डिस्काम
-9413063300
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