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कोड़ मे खाज बन रही है बिजली की कटौती...!


जैतारण(आईबीखांन)।
उर्जा मंत्री के गृहजिले मे इन दिनो डिस्काम व्दारा शहरी एवं  ग्रामीण क्षेत्रो में बिजली की कि जा रही अघोषित कटौती ने इस गर्मी के मौसम मे आमजन का जीना मुहाल करके रख दिया है।भटटी की मानिद तपती छतो एवं गर्म लू के थपेड़ो के बीच जब आमजन को ठण्डी हवा की जरूरत होती है तो ऐसी स्थिति मे अचानक बिजली के कट होना मानो कोढ मे खाज की स्थिति बन जाती है।
बात जैतारण शहर की करे तो यहां बिजली की आँख मिचोली का खेल दिनभर चलता ही रहता है।जैतारण डिस्काम व्दारा बिजली काटते ही अपने सरकारी फोन को भी बंद कर देते है,यानि कोई उपभोक्ता उनसे यह पूछ नही ले की जनाब आपने बिजली क्यो और कैसे काटी और कब आएगी...शायद यह वाक्य नही सुनने की लिहाज से अपना सरकारी फोन को ही बंद कर देने की यह परम्परा जैतारण बिजली महकमे ने पाल रखी है।उल्लेखनीय है कि अकेले जैतारण शहर मे बिजली के विभिन्न जोन बनाए हुए है जहां किसी कारण से किसी क्षेत्र मे बिजली कट की जाती है तो दूसरे जोन मे बिजली रहती है,ऐसी स्थिति मे यदि कोई हादसा हो जाता है तो बिजलीघर के फोन पर सूचना तक नही दी जा सकती है।जैतारण शहर मे तो फिर भी लोग जैसे तैसे अपना जुगाड़ चला लेते है मगर ग्रामीण क्षेत्रो मे तो बिजली कब आती है और कब गुल हो जाती इसका कोई निर्धारित समय नही है।ग्रामीण अंचलो मे तो बिजली कटौती का आलम यह है कि वहां मामूली हवा का झोका आते ही डिस्काम गांवो की बिजली बंद कर देते है।पूछने पर एक ही रट रटाया जबाब की बिजली जैतारण से ही बंद है।बिजली की कटौती के कारण इस गर्मी के मौसम मे गांवो की पेयजल व्यवस्थाओ का भी हाल बुरा हो रखा है,जहां बिजली कटौती का खामियाजा जनता के साथ साथ जलदाय विभाग को भी भुगतना पड़ता है।ग्रामीण क्षेत्रो मे बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति नही होने पर लोग सीधा गुस्सा जलदाय विभाग पर भी निकालते है।बिजली कटौती का दंश अपन जैसे लोग तो भले ही झेल लेते है किन्तु बुढे बुर्जुग एवं बच्चो का इससे हाल बुरा हो जाता है।गांवो के लोगो की मुख्य समस्याओ मे एक समस्या बिजली समय पर नही आने की भी है,लेकिन वे करे भी तो क्या करे...न तो डिस्काम उनकी सुनता है और न ही जिम्मेदार जनप्रतिनिधि यह समस्या सुनने को तैयार है।सच पूछो तो अपन भी 17 साल पहले इसी बिजली की बीमारी से पीड़ित होकर एक छोटे से गांव को बाँय बाँय कर जैतारण मे आकर शहरी हो गये,लेकिन ग्रामीणो का दर्द क्या होता है उसे नही भूल पाया हूं।

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