कई फिर ना उजड़ जाये जैतारण का यह क्लब...!
जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण शहर के हदय स्थल पर लाखो रूपयो की लागत से बना महिला सार्वजनिक क्लब एकबार फिर पालिका की उपेक्षा का शिकार होकर अपनी दुर्दशा पर आंसु बहाने को मजबूर है।वर्षो पहले आँफिसर क्लब के नाम से जाने वाले इस क्लब की बदहाली पर अपने इसकी दशा सुधारने के लिए वर्षो तक इसकी गाथाओ को यह अनाड़ी कलमकार लिखता था,नतीजन मेरी खबरो की बदोलत जैतारण के तत्कालीन विधायक दिलीप चौधरी ने सकारात्मक पहल कर 10 जुलाई 2010 को इसका पुर्नजिणोव्दार कर इसकी खुबसुरती न केवल चार चांद लगाये,बल्कि इसको महिलाओ को सम्मान देते हुए इसका नामकरण भी सार्वजनिक महिला क्लब के रूप मे कर दिया गये।लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि एकबार फिर इस क्लब की दशा बिगड़ने लगी है।इस क्लब मे तमाम भौतिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद आज इसकी जो स्थिति बनी हुई है,उसे देखकर इस अनाड़ी कलमकार को यह आभास हो रहा है की इसकी दशा पर यदि ध्यान नही दिया गया तो इसकी हालत भी वही होगी जिसकी पीड़ा यह क्लब पहले ही भुगत चुका है।हालांकि मे महाभारत का वो संजय तो नही हूं जिसे मुझे भूत,भविष्य एवं वर्तमान की जानकारी हो,मे भले ही संजय नही हूं मगर यहा धर्तराष्टो की वैसे भी कमी नही है,लेकिन उनके पास वो संजय नही है...!मेरी बात भले ही उनको कड़वी लग रही होगी,और मीठी लगे तो भी इस अनाड़ी कलमकार को फायदा भी नही है।मगर हकिकत तो हकिकत होती है जिसको लिखना अपना धर्म है।असल मे इसकी दशा पर तो ग्रहण उसी दिन से ही लग गया था जब सत्ता परिर्वतन हुई थी...!अब भी वक्त रहते इसकी सार संभाल नही की गई यह क्लब एक अतित बन जाएगा...।9413063300
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