तलवार से भी तेज है कलम की धार:डाँ.निराला
Jaitaran-i.b.khan
प्रख्यात जैन संत डाँ.कवि अमरेशमुनि"निराला"ने कहा की कलम की धार तलवार से भी तेज होती है,बेसर्त इसे चलाने का सलिका सही होना चाहिये।उन्होने कहा की तलवार के जख्म फिर भी भरे जा सकते है मगर कलम से लगे जख्म भरे नही जाते।
डाँ.कवि निराला ने रविवार को खांन मीडिया व्दारा आयोजित सोशियल मीडिया बनाम प्रिन्ट मीडिया...विषय पर अपनी व्याख्या मे यह विचार व्यक्त किये।उन्होने माना की वर्तमान दौर मे भले ही सोशियल मीडिया का प्रचलन बढा है,लेकिन कटू सत्य यह है कि कागज और कलम का कोई सानी नही है,उन्होने कहा की कलम से लिखी इबारत हमेशा लोग सहज कर रखते है,लेकिन सोशियल मीडिया पर एक के बाद एक संदेशो के कारण उनको सहज के रखना आसान नही है।उन्होने पत्रकारिता को लेकर कहा की बदलते दौर मे आज पत्रकारिता का स्वरूप भी बदल गया है।पहले पत्रकारिता मिशन हुआ करती थी,लेकिन आज कुछ और ही है।उन्होने कहा की पत्रकारिता के क्षेत्र मे आज भी कई पत्रकार ऐसे है जो सचाई की राह पर चलते है,अलबता वर्तमान युग मे सचाई की डगर पर चलना चुनौती भरा काम है।उन्होने कहा की आजकल सचाई की राह पर चलने वालो की भीड़ कम है।उन्होने कहा की खांन मीडिया की खबरे एवं विश्लेषण मे नियमित पढता हूं।मुझे इस बात की खुशी है की खांन मीडिया अपनी बेबाक लेखनशैली से पाठको मे अपनी अलग पहचान कायम की है।उन्होने खांन मीडिया के आईबीखांन को अनाड़ी कलमकार न मानते हुए कहा की वो अब लेखनी का धनी है।इस अवसर पर नगरपालिका के युवा प्रतिपक्ष नेता सुनील राठौड़,युवा समाजसेवी रामस्वरूप भाटी इत्यादि ने डाँ.कवि अमरेशमुनि"निराला"से आशिर्वाद लिया,उल्लेखनीय है कि खांन मीडिया के आईबीखांन को पत्रकारिता के क्षेत्र मे तरासने के साथ-साथ साहित्य शिक्षा डाँ.निराला व्दारा समय समय पर दी जाती रही है।
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