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दफ्तर से निकलकर शहर को देखो तो सही...!

आईबीखांन की कलम से...
जैतारण नगरपालिका की हर खताओ को शहरवासी माफ करते आये है और उम्मीद है आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा,इसका मतलब यह नही की हम भी अपनी आँखो पर पटटी बांधकर उनके गौरवशाली कार्यो की यू अनदेखी करते रहे...! माफ करना साहब अपन से ऐसा कदापि नही होगा,बार बार एक ही विषय पर लिखता रहू तो लाजमी है वे मेरी स्वच्छ पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगाएं।बेहतर यही होगा हजूर आप दफ्तर से बाहर निकलकर कर मेरे शहर का थोड़ा भ्रमण कर लिया जाय..।वैसे आपको पैदल चलने की भी जरूरत नही है,सरकार ने आपके लिए सरकारी गाड़ी के इंतजाम कर रखे है,लेकिन आप दफ्तर से बाहर निकलो तो सही...!आप अकेले चल नही सकते तो इस अनाड़ी कलमकार को भी साथ ले चलो ताकि आपको इस शहर की दिशा और दशा से हम आपको रूबरू करवा देगे,ताकि आपको भी अपने गौरवशाली कार्यो को देखने मे गौरव हासिल हो जाएगा,मगर दो कदम चलकर तो देखो...!आप हमारी लेखनी पर हमेशा भौये तानकर अपने गुस्से का मन ही मन मे इजहार करते हो,जो आपकी सेहत और मेरे लिए अच्छा संकेत नही है।शहर की हालत इन दिनो कैसी और क्या हो रखी है,यह बात अब कोई मायने नही रखती,असल मे आपको भी तो यह पता चले की इस शहर की दशा आखिर किसने की यह देखना अतिआवश्यक है।आज मे बड़ी विन्रमतापूर्वक लिख रहा हूं और यह आग्रह कर रहा हूं की आप मुझे साथ ले जाने मे हिचकिचाते हो तो मेरी जगह किसी और खिलाड़ी कलमकार को साथ ले जा सकते है,वैसे भी हम आलोचनात्मक लेखनशैली से बदनाम है और आपके लोगो ने ही हमे आदतन आलोचक होने की भी तो उपाधि दे रखी है,जिसे ग्रहण कर हम भी गौरव का अनुभव कर रहे है...!मेरे अलावा आधा दर्जन कलमकार इस शहर मे और भी है जिन पर आपकी नजरे हमेशा इनायत रहती है।लेकिन आपको शहर का हाल तो देखने के लिए दफ्तर से बाहर निकलना ही पड़ेगा...आपके सीवरेज वालो ने इस शहर का क्या हाल किया यह आप चलकर देखो तो सही...आपको दफ्तर से बाहर निकलने का इतना भय क्यो लग रहा है।कसम खुदा की शहर की भोली जनता आपको कुछ नही कहेगी,और कहेगी तो हम सुन लेगे,लेकिन दफ्तर से बाहर निकलो तो सही...गाडी आपकी,सड़के आपकी,गलिया आपकी,टीम आपकी...फिर भी आप दफ्तर से बाहर क्यो नही निकल रहे हो हजूर...!आप दफ्तर से बाहर नही निकलना चाहते हो हमे हुक्म दे की मे आपकी नजर मे वो खास तस्वीरे आपके समक्ष पेश करू जिसे देखकर आप भी गौरव का अनुभव करेगे,हालांकि यह अनाडी कलमकार किसी का हुक्म मानने के लिए बाध्य नही है,लेकिन आपके हुक्म को हम तामिल करेगे,मगर हुक्म जारी करो तो सही..।9413063300

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