...यह भी कोई सड़क है,एक पाठक की पीड़ा...!
जैतारण/आईबीखांन...
News jaitaran: बलुन्दा से खराड़ी जाने वाली सड़क के अभी इतने बुरे हालात है कि उधर से जाना भी मुश्किल हो रहा है फिर भी किसी को कोई परवाह नही है जब चुनावी मुदा सामने आए तो सभी नेता लोग भाग दौड़ में लग जाते है रातो रात रोड़ बनाने की कार्यवाही चालू हो जाती है अभी उन्ही नेताओ से पूछे कि कहा गई वो बातें कहा गई वो कसमे आखिर क्या कसूर है हमारा जो इन रोड़ की ये दसा है आने वाले बारिस के मौसम में तो मानो की बलुन्दा से खराड़ी ओर निम्बोल से खराड़ी जाने के लिए कोई रास्ता ही नही है अगर बारिस के मौसम में कोई इमरजेंसी होती है तो खराड़ी तक एम्बुलेंस पहुंचना तो दूर कोई दूसरा साधन भी नही जा सकता आखिर किया कसूर है इस गांव का आज तक किसी ने ना तो पूछा ओर ना किसी ने बताया ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले 1 करोड़ से ऊपर की लागत निम्बोल से डिगरना सड़क बनाने के लिए स्वीकृत हुए लेकिन ठेकेदार ओर सरकार की मिली भगत से कागजो में ही सड़क बन कर सिमट गई कुछ पेसो से दिखावे की सड़क बनाई गई वो सुबह बनाई और दोपहर को टूट गई जब कुछ जागरूक ग्रामीणों ने मुदा उठाया तो ऊपर से दबाव बना दिया गया और कारवाही का डर बात कर मुह बंद कर दिया ।(जैसा पाठक ने भेजा हमें)--9413063300
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