...और 34 दिनो मे ही बिगडने लगा शहर का यह गौरव...!
जैतारण/आईबीखांन।
शहर के बिगड़ गौरव को फिर से गौरवशाली बनाने के लिए अपने निर्माण विभाग व्दारा 34 दिनो पहले तामीर किया गया वो गौरवपथ आज अपने गौरव को बचाने के लिए जगह जगह चीखें मारने लगा है।आलम यह है की एक किलोमीटर लम्बे इस गौरवपथ की राह मे जगह जगह बड़े बड़े गडडे गौरवपथ निर्माण के उस ठेकेदार की गौरवगाथा की कहानी खुद ब खुद चीखें मार मारकर बयां कर रहा है।
जी हा आज अपन उसी गौरवपथ की बात कर रहे है,जिसका उल्लेख कुछ दिनों पहले अपने ब्लांगर मे किया था।दरअसल जोधपुर बाईपास चौराहा से जैतारण उपखंड कार्यालय तक लाखो रूपये खर्च कर शहर के गौरव को बनाने के लिए माननीय मंत्रीजी की अभिशंषा पर अपने निर्माण विभाग ने इसको तामीर किया गया था,मगर बड़े दुर्भाग्य की बात है की मंत्रीजी के शहर का यह गौरवपथ मात्र 34 दिनो ही जगह जगह से उखडऩे लगा है।हालांकि इसका निर्माण उस वक्त आनन फानन मे किया गया जब राज्य विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल 21मई को जैतारण मे आने का कार्यक्रम था,मुझे लगता है निर्माण विभाग के ठेकेदार ने इसी जल्दबाजी मे इसके निर्माण मे तकनीकी खामियां रख दी,अलबत्ता निर्माण विभाग के मौजूदा अधिकारी के निर्देशन मे मुझे नहीं लगता ऐसी खामी रह जाय जिसके लिए उनकी और उनके विभाग की ऐसी स्थिति मे किरकिरी हो।आज यह अनाड़ीकलमकार अलसुबह उपखंड कार्यालय से जौधपुर बाईपास चौराहे के ऐतिहासिक गौरवपथ पर चहलकदमी करने गया, जहां इस गौरवशाली जनपथ जैसे शहर के एकमात्र मार्ग पर जगह जगह बडे बडे गड्ढे देखे तो कई जगहो पर तो हालात ऐसे भी लगे जैसे किसी हवा भरे टायर से हवा निकली हो जैसे।ठेकेदार ने इस गौरवपथ निर्माण के कार्य मे कौनसी तकनीक का उपयोग किया, यह बात यह अनाड़ीकलमकार नहीं लगा सकता क्योंकि अपन को तकनीकी ज्ञान नहीं है।हमने इस गौरवपथ के निर्माण कार्यों का देखरेख का जिम्मा संभालने वाले श्रीयुत जोगावत साहब से भी राफ्ता कायम करने का पूरा प्रयास किया मगर उनसे इस संबंध मे अपनी बात नहीं हो पाई।हालांकि उनसे बात भी होगी और चर्चाए भी होगी, यह दिगर बात है।मगर जैतारण के इस गौरवपथ के उदघाटन से पहले मात्र 34 दिनों और 34 नहीं 50 दिनो ऐसी दशा होना यह बात इस अनाडी को हजम नहीं हो रही है।हालांकि इस गौरवपथ के निर्माण कार्यों पर अपना संदेह प्रकट करते हुए यू तो एक सफेद चोले पायजामे पर कलप लगाये एक युवा नेता ने इसकी शिकायत माननीय लोकायुक्त के समक्ष कर चुके है,लेकिन वो दिगर बात है।असल बात तो यह है की मात्र 34 दिनो मे ही इस गौरवपथ का यह गौरव यू क्यों मिटने लगा है,सबसे बडा सवाल इस अनाड़ीकलमकार का उन जिम्मेदार लोगों से है...9413063300
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