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सावधान यहां कंरट के लग सकता है झटका...!

जैतारण/आईबीखांन...
बरसात के खुशगवार मौसम में यदि आप पिकनिक मनाने जा रहे हो तो जिस जगह आप जा रहे हो उस जगह के बारे मे यह अवश्य जान ले की पिकनिक स्थल पर कोई खतरा तो आसपास नहीं मंडरा रहा हो,हो सकता है संभावित खतरे को आप भाप नहीं पाये और वो खतरा आपके लिए मौत का पैगाम लेकर आ जाये...!मेरी बात पढने मे भले ही अजीब लग रही होगी,लेकिन मैने जहां ऐसा मंजर देखा उसे देखकर तो मुझे इसे लिखना पड़ रहा है।दरअसल ऐसा ही मौत को दावत देता यह मंजर अपने शहर के मेड़ता मार्ग पर स्थित अपनी शहरी निकाय के भव्य सार्वजनिक उधान मे इन दिनो देखने को मिल रहा है,जहां शहरी निकाय की अनदेखी के कारण इस हरेभरे बगीया की एक पथ पर साक्षात मौत मंडरा रही है।बगीया के मुख्य गेट से जेल की दिवार के पास होकर निकलने वाले मार्ग पर कई विधुत पोल खडे है जिनके विधुत तार इस पथ किनारे खडे हरे भरे वृक्षों की टहनियों के बीच मे से होकर निकल रहे है जहां बरसात होते ही इन वृक्षों मे कंरट दौडऩे लगता है।कल इतेफाक से इस अनाडीकलमकार को लंबे अर्से बाद इस उधान मे जाने का गौरव हासिल हुआ...!बगीचे के सुरत-ए-हाल देखकर अपने लोकप्रिय नेताजी की याद आ गई, क्योंकि अपन इस बात के साक्षी है कि जब अपने चेहते नेताजी ने इस बंजर धरा पर भव्य उधान तैयार करने की परिकल्पना की तो उस दौर मे अपन को उनकी कल्पनाओ पर यकीन नहीं हो रहा था की अपने जैतारण मे भी कोई उधान होगा जो आज हकीकत मे है,माशाअल्लाह क्या बगीया खिलाई...!अपन विषय से भटक रहे है।इस खुब सुरत बगीचे के इन विधुत पोलो की अधरझूलती लाईन यहां मौत को दावत दे रही है।शहरी निकाय के हुक्मरानो को यह ध्यान है या न भी है,क्योंकि उनके पास तो वैसे ही सीवरेज के कार्यों का इतना बोझ है की उन्हें यह देखने की फुर्सत ही कहा मिल रही है।हालांकि युवा नेताप्रतिपक्ष श्रीयुत सुनील राठौड़ का ध्यान इस संभावित खतरे पर गया भी था और उन्होंने इसको लेकर निकाय के हुक्मरानो को भी अवगत करवाया होगा, लेकिन अपन मौसमी मिजाज का लुप्त उठाने कल भूलवंश इस पथ पर निकले तो यह मौत की दावत वाला दृश्य देख भौचक्के रह गये।गनीमत यह रही की उस वक्त बिजली नहीं थी,वरना अपनी तो सांसे ही यह देखकर थमने लगी।उल्लेखनीय है कि बरसात के इस सुहाने मौसम एवं सुहनरी शाम को शहर के लोगों का यहां आना जाना रहता है,लेकिन शहरी निकाय यहां पेडो की टहनियों मे अधर झूलते विधुत तारो को दुरुस्त नहीं करवा रहा है।चलते चलते अपन तो यही कहगे की यदि इन्हें समय रहते दुरूस्त नहीं करवाया तो यहां बरसात के मौसम मे किसी दिन कंरट से बडा हादसा हो जाएगा, वैसे अपन ने तो अब इस पथ पर चलने की भविष्य के लिए तौबा कर ली है...! 9413063300
*नोट:-पेडों की टहनियों मे झुलते विधुत तारो के फोटोज मेरे ब्लॉग मे देख सकते है*

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