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काश यह विरोध पहले होता तो,बात कुछ और बनती...!

आईबीखांन की कलम से
अपनी शहरी निकाय की बैठक मुख्याजी मंजूभाटी की जरे सदारत मे आज आयोजित हुई।बैठक मे पहली बार शहरी निकाय के माननीय सदस्यों ने सीवरेज के कार्यों को लेकर एकराय मे अपनी आवाज बुलंद की वो काबिल-ए-तारीफ है।शहरी विकास के लिए यू भी माननीय सदस्यों को सियासत से उपर उठकर आमो अवाम के लिए बोलना भी चाहिए...!आज की बैठक के दिगर मौजूवाद से हटकर इन सदस्यों ने सीवरेज के ठेकेदारों के साथ-साथ शहरी निकाय के हुक्मरानों को भी कटघरे मे खडा करने का प्रयास किया।असल मे हुक्मरानों की शिथिलताओ के कारण आज शहर मे सीवरेज की जो स्थिति बनी हुई है,अलबत्ता इन्होंने शुरुआती दौर में ही इन पर अपना शिकंजा कस दिया होता तो आज अपने शहर की स्थिति यह नहीं होती।जैसा की पाठकों को यह बताने की आवश्यकता शायद अब नहीं होगी की इस अनाडीकलमकार ने सीवरेज की तमाम अनिमितताओं से लेकर इसकी गुणवत्ता को लेकर खबरें देने मे कोई कसर नहीं छोड़ी,हालांकि शहरी निकाय के कनिष्ठ अभियंता जी अपनी खबरों को लेकर अपन से खासा नाराज भी चल रहे है,लेकिन आज की बैठक मे सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों ने सीवरेज कार्यों के लिए जो अपनी भडास निकाली उसे सुनकर शायद कनिष्ठ अभियंता जी को भी अब यह समझने मे देर नहीं करनी चाहिए की गलत क्या है और सही क्या है।हालांकि अधिशाषी अधिकारी ने तो भरी सदन मे अपनी प्रमाणिक खबरों पर मोहर लगाने मे देर नहीं की,लेकिन अपना भी खुरापाती दिमाग है जो खुरापात किये बगैर रह भी नहीं सकते...!अबजब सीवरेज का कार्य शहर मे लगभग सतर फीसदी पूरा होने आया है तो अब हुक्मरान एवं माननीय सदस्य सीवरेज को लेकर अपना आक्रोश प्रकट कर रहे है।काश यह आक्रोश पहले व्यक्त कर लिया होता तो बात कुछ और बनती, लेकिन करते तो शायद रस्मों रिवायते अदा नहीं होती।मेरे इस सवाल पर माननीय सदस्यों का यह तर्क भी लाजमी लगा,जैसा की उन्होंने बताया की हमने तो हमेशा ही सीवरेज की अनियमितताओ का विरोध किया है,लेकिन उसकी किसी ने एक नहीं सुनी...!यह बात भी वाजिब है ठेकेदार तो उनकी ही सुनेगा जिनके दस्तख चैको पर चलते है।हालांकि मे इस पर ज्यादा टिका टिप्पणी इसलिए नहीं कर पा रहा हूं की गांधीवादी श्री अन्ना हजारे ने भी विरोध खूब किया मगर क्या हुआ...!चलते-चलते अपन आज माननीय सदस्यों एवं शहरी हुक्मरानों की तारीफ जरूर करेंगे, क्योंकि उन्होंने आज पहली बार सीवरेज पर ठेकेदार को जमकर खरी खोटी तो सुनाई, इसका परिणाम क्या होगा शायद यह बताने की मुझे आवश्यकता नहीं है,लेकिन यह तो जरुर कहूंगा की काश ऐसा विरोध पहले कर लेते तो बात कुछ और बनती...!इधर ठेकेदार जी अपन से मुलाकात करने के लिए आज अपने झुनझुने के नम्बर ले तो गए है पर बात नहीं होगी...9413063300
*नोट..माननीय जनप्रतिनिधियों का आरोप प्रत्यारोप का वीडियो खांन मीडिया के पास सुरक्षित है*

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