आखिर इनके घर कब रोशन होगे, कनेक्शन के लिए भटक रहे है...!
जैतारण/आईबीखांन।
राज्य सरकार एक और जहां प्रत्येक गांव एवं ढाणी ढाणी तक विधुतीकरण करने एवं बिजली से अब तक वंचित लोगों के घरो को रोशन करने का दावा कर रही है,लेकिन जैतारण डिस्कॉम का तो मानो भगवान ही मालिक है।इस विभाग की एक नजीर अपने एक पाठक भेजी जिसे पढकर मुझे उनकी शान मे लिखने को मजबूर होना पड़ रहा है।दरअसल जैतारण क्षेत्र के बलाडा ग्राम के सुरेंद्र पुत्र पेमाराम मेघवाल एवं पप्पूराम पुत्र शंकरराम मेघवाल ने अपने घरो को रोशन करने के लिए 2 जून 2016 को दोनों ने डिस्कॉम के नियमानुसार 1900-1900 रूपये जमा करवा दिये, लेकिन डिस्कॉम के अधिकारियों एवं नीचले स्तर के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण इन दोनों के घरों मे आज दिन तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है,विगत एक साल से यह दोनों उपभोक्ता डिस्कॉम कार्यालय के चक्कर काट रहे है मगर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।डिस्कॉम मे जमा करवाई गई रशीदो को लेकर यह दोनो बलाडा लाईन मैन से लेकर सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता के समक्ष चक्कर लगाते लगाते अब परेशान हो गए है,लेकिन इनके घरों मे आज दिन तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया।बिजली मंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत के अपने गृहजिले मे अपने ही विभाग की यह उम्दा नजीर है तो जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल के गृह विधानसभा क्षेत्र मे अधिकारी किस तरह आमजन की सुनवाई करते उसकी जमीनी हकीकत अब देखने को मिल रही है।बताया जाता है कि इन उपभोक्ताओं ने समय पर बिजली कनेक्शन न मिलने को लेकर एकबार उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत किये जाने के बाद बलाडा लाइनमेन जो भी है वो इनसे खफा हो गया। तब से लेकर आज दिन तक यह दोनों अपने घर रोशन होने की राह देख रहे है,मगर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है,ऐसा भी नहीं की इनके घरो के आसपास कोई विधुत पोल नहीं है,पडौसीयो के घर तो रोशन है,मगर यह अंधकार मे दिन काट रहे है।हालांकि अपन ने इस मामले को लेकर जैतारण सहायक अभियंता डिस्कॉम का पक्ष एवं उनकी प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया मगर उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।
नोट:डिस्कॉम मे जमा इनकी रशीदो की फोटो साथ है
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