तो अब किसानों के लिए जीरा बनने लगा है बेरी...!
जैतारण-आईबीखान
जैतारण तहसील क्षेत्र मे पिछले दो-तीन दिनों से मौसम मे यकायक आए बदलाव एवं इलाके मे लगातार बादलों की आवाजाही ने जीरे की फसल को इन दिनों चौपट करके रख दिया है,मारवाड का प्रसिद्ध लोग गीत "जीरो जीव रो बेरी रे...!मत बाहो म्हारा...जीरो..." का यह गीत किसानों के लिए अब हकीकत बन गया है।दरअसल जैतारण क्षेत्र मे पिछले दिनों पाला पडने एवं शीतलहर तथा बादलो के डेरा जमाए रखने के कारण कई गावों मे जीरे की फसलों को भारी क्षति हुई है।उल्लेखनीय है कि जैतारण इलाके के सिचित क्षेत्र के किसानो ने जीरे की रिकॉर्ड तोड बुवाई की तथा इस क्षेत्र के किसान सर्वाधिक जीरे की ही बुवाई करते है।यहां का जीरा देशभर मे अपनी अलग पहचान रखता है,लेकिन इस बार लगता है इस फसल पर प्राकृतिक मार पडी है।जैतारण तहसील क्षेत्र के कुछ गाँवों से जीरे के खेतों की फोटो जागरूक पाठकों ने उपलब्ध करवाई है,जिसे देखकर लगता है वाकई मे जीरे की फसलों को नुकसान हुआ है।जैतारण क्षेत्र के रामावास,निम्बोल,बिरोल,ठाकरवास,राबडियावास,भाकरवास,झुझण्डा,आगेवा इत्यादि गावों मे जीरे की फसल मे भारी नुकसान की खबर है।जैसा की युवा किसान नेता हीरालाल भाटी राबडियावास ने सोमवार को जैतारण क्षेत्र के अनेक गावों का दौरा कर किसानों से रुबरु हुए जहां किसानों ने अपनी व्यथा बयां की,भाटी ने बताया की जैतारण क्षेत्र मे पिछले दिनों से मौसम के तेवर बदलने व आसमान मे बादल छाये रहने से कई गावों मे जीरे की फसलों मे रोग लग गया है,तो कई खेतों मे शीतलहर एवं पाला पडने से जीरे की फसल खेतों मे जल गई है।जीरे की फसल मे रोग लगने से यह फसल अब दम तोड़ रही है।यहां यह बताना जरूरी है की जीरे की बुवाई मे अधिक खर्च आता है,ऐसे मे अब इस फसल मे रोग लगने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
*भाटी ने मुआवजे की माँग*
जैतारण क्षेत्र के युवा किसान नेता हीरालाल भाटी ने जैतारण क्षेत्र मे जीरे की फसल मे हुए नुकसान का समय पर आकलन करवाने एवं प्रभावित किसानों को इसके बदले मे मुआवजा दिलाने की माँग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर किसानों की इस पीडा से अवगत करवाया है...।9413063300
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