लाख खर्च के पहले लाखो का हुआ नुकसान...!
जैतारण/पाली... आईबीखान
लाख खर्चों के पहले लाखो का हो गया नुकसान शिर्षक पढकर भले ही आप चौक गये होगें, किन्तु यह सत्य है कि लाख खर्चे के चक्कर मे लोगों को लाखो का नुकसान झेलना पडा...! जी हा अपन बात कर रहे है जैतारण नगर पालिका के दमकल की जो लाखों रूपये मरम्मत के नाम पर खर्च करने के बाद लगभग एक साल बाद अब पूर्ण होकर नये स्वरूप मे जैतारण पहुची है।जबकि इसके मरम्मत होने तक के इतजार मे जैतारण शहर सहित आसपास के क्षैत्रो मे इस दौरान हुई आगजनी की घटनाओं मे दमकल के अभाव मे लोगों के लाखो रूपयो का नुकसान हो गया है।हैरत की बात यह है की महिनो तक एक खटारे के रूप मे सार्वजनिक उधान मे पडी रहने के बाद अब जब इसकी मरम्मत भी हो गई है तो शहर के लोगों के जहन मे बार बार एक सवाल उठ रहा है की पालिका ने इस खटारा हो चुकी दमकल की मरम्मत करवाने के नाम पर भले ही नियमानुसार लाखों खर्च किये होगे, मगर यह दमकल पुरानी ही कहलाएगी,अव्वल तो यह करते की जितनी राशि इसकी मरम्मत के नाम पर खर्च की गई,उसमें कुछ राशि और मिलाकर उस खर्च मे नई नवेली दमकल पालिका खरीद सकती थी।ऐसा भी नहीं की पालिका का बोर्ड नई दमकल खरीदने के लिए अपनी सहमति देने से मना कर देता, लेकिन पालिका प्रशासन को शायद यह फार्मूला याद नहीं आया, यदि याद भी आया होगा तो इसे खर्चे का बोझ या कमीशन के चक्कर मे इसे नजर अँदाज कर दिया होगा...! अब जब पुरानी बोतल मे नई शराब की तर्ज पर इस दमकल को वापस ले भी आए तो पालिका प्रशासन को दमकल के लिए पालिका मे आमजन की सुविधा के लिए अलग से नया टेलीफोन कनेक्शन लेकर उन नम्बरो का इलाके मे व्यापक प्रचार प्रसार करना चाहिए, क्योंकि पालिका के पास जो मौजूदा नम्बर है उस पर यहां के कर्मी फोकट की बातें करने मे ही व्यस्त रहते है,जिससे आगजनी की सूचना करने पर टेलीफोन बिजी नहीं हो,चलते चलते अपन तो यही दुआ करते है की दमकल का सायरन कम ही बजे...।
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