तो क्या जैतारण मे ऐसे ही उडती रहेगी धूल...! जैतारण(आईबीखान)।
खबर का शिर्षक पढकर आप जरूर चौक गए होगे, लेकिन यह सत्य है की जैतारण शहर के अनेक प्रमुख मार्गो एवं गली मौहलो मे दिनभर धूल के गुब्बार बनते है और धूल उड रही है।
दरअसल जैतारण नगर पालिका के व्दारा इन दिनों 47 करोड़ की लागत से शहर के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों मे सिवरेज बछाई जा रही है,जहां सिवरेज पाईप लाईन बिछाने के लिए इसके ठेकेदारों व्दारा शहर के अनेक जगहों पर आधुनिक मशीनों से खडडे खोदकर पाईप लाईन डाल रहे है,मगर पाईप लाईन डालकर खोदी गई जगहों पर पुनः मिट्टी डालकर अपने कार्यों की फिलहाल इतिश्री कर रहे है।चुकी कई जगहों पर सिवरेज लाईन के लिए सी.सी.एवं डामरीकृत सडको को उखाड़ कर शहर की इन सडको की हालत खराब कर रखी है।जब तक शहर मे सिवरेज सिस्टम प्रणाली शुरू नहीं हो जाती तब तक खोदी गई जगह की न तो मरम्मत होगी और न ही उस पर कोई नया काम होगा।ऐसी स्थिति मे इन जगहों पर जगह जगह सडके बदहाल हो रखी है,मगर सबसे दुखदायक बात यह है कि जहां जहां सिवरेज के लिए सडके एवं सी.सी.सडको को तौडा गया है,उन जगहों पर ठेकेदारों व्दारा सडको को यू ही छोड रखा है जिसके चलते यहां वाहन गुजरते ही पीछे धूल के गुब्बार बनते है तो थोड़ी सी हवाए चलने पर इन मार्गो पर धूल उडने लगती है।उल्लेखनीय है कि जैतारण मे सम्पूर्ण सिवरेज सिस्टम के कार्य की अवधि 2018 तक पूरी होगी।ऐसे मे बडा सवाल यह है कि क्या सिवरेज सिस्टम के लागू होने तक शहर मे यू ही धूल उडती रहेगी या फिर इसे रोकने के भी कोई ठोस उपाय होगे...? चिकित्सको की माने तो शहर की सडको पर इन दिनों उडने वाली यह धूल स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है,उनके अनुसार यदि व्यक्ति लगातार धूल उडने वाले क्षेत्र मे रहता है तो उसे अस्थमा हो सकता है।अपन शहर मे सिवरेज सिस्टम का विरोध नहीं कर रहे है,लेकिन सिवरेज ठेकेदार की कार्य शेली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे है।जगह जगह इन मार्गो पर उडने वाली धूल के कारण आमजन परेशान है,लेकिन न तो ठेकेदारों को इसकी परवाह है और न ही नगरपालिका को इसकी चिंता है।नगरपालिका का तो हाल यह है की उसने तो सिवरेज का ठेका देकर इसे भूला दिया गया।लोग जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत करें तो भाजपा वाले कहते है कि बोर्ड काँग्रेस का है तो बोर्ड के जनप्रतिनिधि कहते है कि राज भाजपा का है,बहरहाल 2018 तक पूरे होने वाले शहर के सिवरेज प्रोजेक्ट के पूरे होने तक क्या शहर मे ऐसे ही धूल उडेगी या इस पर कोई अँकुश लगेगा...।अव्वल तो यह है की ठेकेदार को ऐसे क्षेत्रों मे नियमित पानी का छिडकाव करवाना चाहिए, क्योंकि यह ठेकेदार की जिम्मेदारी है।अपने लाभ के खातिर वो मानव जीवन को खतरे मे नही डाल सकता यह भी ठेका नियमों का प्रावधान है।इस सम्बंध मे युवा काँग्रेसी नेता जिनेश कोठारी ने सिवरेज के कारण शहर के विभिन्न भागों मे उडने वाली धूल से आमजन के स्वास्थ्य पर पडने वाले असर को लेकर उपखण्ड अधिकारी जैतारण को एक लिखित मे ज्ञापन भी दिया लेकिन सडको पर धूल उडना अभी तक बँद नहीं हुआ...।स्वयं उपखण्ड कार्यालय भी इस उडने वाली धूल से प्रभावित हो रहा है मगर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है...।9413063300
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