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...यहां मँत्रीजी के निर्देश पर भी भारी रोडवेज चालकों की मनमानी।

जैतारण-आईबीखान
जैतारण राजकीय महाविद्यालय की स्थापना से लेकर अबतक महाविद्यालय आने जाने को लेकर परेशान यहां के अध्यनरत छात्र-छात्राओं की रोडवेज की बसो मे बैठकर महाविद्यालय जाने हसरत आज दिन तक पूरी नहीं हो पाई है।जबकि ब्यावर आगार ने विधार्थीयो की माँग पर यहां प्रार्थनीय स्टेशन के साथ साधारण बसो के ठहराव के आदेश अर्से पहले जारी कर रखे है,लेकिन बस चालकों की मनमर्जी मँत्रीजी के बार बार निर्देशों पर भारी पडती दिख रही है।
  जैतारण शहर से लगभग पाँच किलोमीटर दूर निमाज राष्ट्रीय राजमार्ग112 पर स्थित जैतारण राजकीय महाविद्यालय मे आने जाने वाले विधार्थियो को भारी परेशानियों का सामना करना पडता है।महाविद्यालय के छात्रसँघ अध्यक्ष श्रीराम गहलोत ने बताया की जैतारण महाविद्यालय के बाहर कोई रोडवेज की बसे नहीं रुकने से यहां अध्यनरत बालक-बालिकाओं को काँलेज के लिए आने जाने मे भारी परेशानी हो रही है।जैतारण शहर से पाँच किलोमीटर दूरी पर होने के कारण यहां विधार्थियो को समय पर आवागमन के साधन नहीं मिलते है।गहलोत ने बताया की इस समस्या को अवगत करवाने के लिए पिछले दिनों गहलोत की अगुवाई मे छात्र प्रतिनिधि मण्डल जलदाय मँत्री एवं जैतारण विधायक सुरेन्द्र गोयल से भी मुलाकात कर उन अवगत करवाया गया, लेकिन मँत्रीजी ने कहा की उन्होंने रोडवेज की बसो के ठहराव के आदेश करवा रखे है।गहलोत ने बताया की वर्तमान मे स्थिति यह है की यहां रोडवेज की कोई बस न तो रूकती है और न ही उनको जैतारण रोडवेज बस स्टेशन से काँलेज जाने के लिए बस चालक व कण्डेक्टर बसो मे बैठने देते है।ऐसी स्थिति मे महाविद्यालय के विधार्थीयो को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है।अहम सवाल तो यह है की माननीय मँत्रीजी ने बसो के ठहराव के लिए आदेश करवा दिये है तो फिर रोडवेज की बसे यहां रूकती क्यों नहीं...? मैने भी इन बसो के न ठहरने की पडताल की तो पता चला की जैतारण से ब्यावर चलने वाली रोडवेज की बसे यहां प्रार्थनीय स्टेशन पर वाकई मे नहीं रुकती है।इससे साफ जाहिर होता है कि यहां मँत्रीजी के आदेश पर रोडवेज बस चालकों की मनमानी भारी है...इस सम्बंध मे रोडवेज बसो के ठहराव की माँग को लेकर छात्रसँघ अध्यक्ष श्रीराम गहलोत ने आन्दोलन की चेतावनी दी है...9413063300

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