तल्ख टिप्पणी... शर्म गर आती नहीं
आईबीखान की कलम से
बेशर्मी है वे लोग जो विध्या के पवित्र मँदिर माने जाने वाले विधालयो की दिवारो पर अशोभनीय,अभद्र श्लोक लिखकर अपनी मासूम बहिनो एवं बेटीयो पर फब्बिया कसने का घृणित कार्य कर अपने आप को इन्सान समझने की भूल कर रहे है।मुझे यह जानकर दुख हुआ की बीती रात बर कस्बे की एक बालिका स्कूल की पूरी दिवारो पर मानवता को शर्मसार करने वाली अभद्र, अशोभनीय भाषा के श्लोक एवं अश्लील बातें लिखकर असमाजिक तत्व भले कामयाब हो गये, लेकिन इस घणित कार्य करने वालों को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए।मारवाड की पावन धरा ऐसे नालायक हरकते करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी।मुझे लगता है कि विधालय की दिवारो पर जिन्होंने भी अश्लील बातें लिखी है वे इन्सान नहीं राक्षस है,मेरा प्रशासन से आग्रह है कि ऐसी घिघौनी हरकत एवं हिमाकत करने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कडी कार्यवाही करने की पहल करनी चाहिए।यदि इस मामले को गँभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य मे यह लोग अपनी हदें और पार करने मे पीछे नहीं रहेंगे।अलसुबह जब बर के युवा समाजसेवी, मेरे पत्रकार मित्र श्री महेंद्र चौहान से इस बाबत मेरी बात हुई...।लेकिन मेरी इस सम्बंध मे विधालय की सँस्थाप्रधान से इस घिघोनी हरकत के बारे मे बात करनी की हिम्मत नहीं हुई... धिकार है वे लोग जिन्होंने अपनी मासूम बेटीयो,बहिनो,शिक्षिकाओ को बताने के विध्या के पवित्र मँदिर पर नापाक हरकत की है।ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए... शर्म मगर आती नहीं...9413063300
Post a Comment