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-बुरा ना मानो होली है-

-बुरा ना मानो होली है-
(फक्कड कलमकार आई.बीखांन)
जैतारण-होली के पावन पर्व के उपलक्ष में जैतारण एवं रायपुर के दुखियारी पत्रकारो को इस नारद का आषिर्वाद,होली के अवसर पर इस नारद ने आपके लिए कुछ खास लिखा है,उम्मीद है आपको अति बुरा लगेगा। मगर खबरची होने के नाते होली पर आपके लिए चंद लाईन नजर कर रहा हूं जरा गौर फरमाएं। इस नारद की गुस्ताखी को माफ करे।-फक्कड कलमकार आई.बीखांनष्
1-षंकरलाल पन्नू-खबर की पुष्टी कौन करेगा
2-  मनोहर सौलंकी-अब तो मैं अकेला रिपोर्टर हूं
3- आई.बी.खांन- पता ही नही चलता किसका खास है
4- राजू माली- अपनी पत्रकारिता कायम रहे
5-  नाथूराम नागौरा-टी.वी.पर वीडियो चलता नही
6-  षफी मोहम्मद- खबर है लेकिन बताउगा नही
7-महेन्द्र चैहान-राजनीति और पत्रकारिता साथ साथ
8-हनुमंत बागडी-राजनीति रास नही आई
9-जावेदखांन-कोई पत्रकार तो बना दो
10-रतनसिंह- खबरे चुक तो नही गया
11- ष्यामषर्मा-अब पता चलेगा गृहस्थी कैसे चले
12-भुवनषर्मा-हम भी किसीसे कम नही है
13-कानाराम चैहान-गांव में केवल मेरे अखबार बिके
14-खेताराम पन्नू-भाई से में भी कम नही
15-रामकुमार आचार्य- गांव में मै ही पत्रकार रहू
16-राकेष झाला-खबर दो और फोटो लो
17-गोपालसिंह-अखबार का बण्डल नही मिला
18-ललित जैन- केवल नाम का ही पत्रकार
19-विनोद षर्मा- अखबार की एजेन्षी दिलाउ क्या
20-सत्यनारायण षर्मा-मै अब पत्रकार नही हूं

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