राष्ट्रनिर्माण मे गुरू की अहम् भुमिका : गोयल
जैतारण,: आई.बी.खांन...
जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी एवं
भूजल विभाग
मंत्री सुरेन्द्र
गोयल ने
कहा कि
शिक्षक वह
धुरी है,
जिनकी राष्ट्रनिर्माण
मे अहम्
भुमिका होती
है। जो
देश को
नई उचाईया
प्रदान कर
सकता है।
यह बात
उन्होने शनिवार
को ग्राम
गणेशपुरा मे
स्थित राजकीय
उच्च प्राथमिक
विद्यालय मे
क्षैत्रीय उच्च प्राथमिक विद्यालयो के
संस्था प्रधानो
की दो
दिवसीय वाक्
पीठ के
समापन समारोह
मे मुख्य
अतिथि के
रूप में
सम्बोधित करते
हुए क
ही।
गोयल ने
कहा कि
आज इस
प्रतिस्पर्दा के युग मे शिक्षको
को सदेव
अपने नैतिक
क र्तव्यो
का पालन
करना चाहिये।
तभी विद्यार्थीयो
को सर्वागिण
विकास संभव
हो सकता
है।उन्होने कहा कि राज्य सरकार
शिक्षा को
बढावा देने
के लिए
प्रदेशभर में
विभिन्न शिक्षा
योजनाएं चला
रही है
जिससे आमजन
को लाभ
मिल रहा
है। उन्होने
कहा कि
राज्य सरकार
की मंशा
है कि
प्रत्येक गांव
में विधालय
खुले तथा
कोई भी
बालक शिक्षा
से वंचित
नही रहे
इसके लिए
बजट में
भी विशेष
ध्यान दिया
गया है।
गोयल ने
स्थानीय पेयजल
की समस्या
पर चर्चा
करते कहा
कि आगामी
दिनो में
जैतारण शहर
सहित ग्रामीण
क्षेत्रो में
पेयजल की
समस्या का
समाधान कर
दिया जायेगा।
इस अवसर
पर प्रधान
श्रीमती रसाल
कंवर
ने कहा कि विद्यालय मे
शिक्षा के
साथ संस्कार
जरूरी है।
संस्कारवान छात्र आगे चलकर विद्यालय,गांव व
प्रदेश मे
अपना नाम
रोशन कर
सकते है।दो
दिवसीय इस
वाकपीठ मे
अनेक वार्ताकारो
ने विचार
रखे। समारोह
मेजिला परिषद
सदस्य मलाराम
सीरवी,नवीन
छाबा,पंचायत
समिति सदस्य
सोनादेवी,रासासिह
रावत,उप
सरपंच हीरालाल
माली सहित
अनेक जनप्रतिनिधि
व अधिकारीयो
ने इसमें
भाग लिया। वाक्पीठ
के संयोजक
दिनेशकुमार शर्मा की अगुवाई मे
आगन्तुक अतिथियो
का स्वागत
किया।
9413063300

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