आखिर अपने ही मंत्री कि किरकिरी क्यो करा रहा है विभाग
जैतारण(आईबीखांन)।
प्रदेश मे जल महकमे की कमान संभाल रहे मंत्री सुरेन्द्रगोयल के गृह नगर जैतारण मे जलदाय विभाग के स्थानीय अधिकारीयो व्दारा आम अवाम की पानी से जुड़ी समस्याओ का समय पर समाधान नही करने और छोटे छोटे कार्यो की लोगो की सुनवाई नही करने के कारण के कारण लोग इन समस्याओ से आहत होकर मंत्रीजी के दरबार में शिकायतो पर शिकायत करने पहुंच रहे है,लेकिन विभाग के अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली मे सुधार नही ला रहे है,और तो और मंत्रीजी के दरबार में अधिकारी अपनी झूठी बाते मंत्रीजी के समक्ष पेश कर जनता की बातो को नकारने से नही चुकते है।जबकि हकिकत यह है की लोगो की वास्तविक बाते मंत्रीजी तक पहुच ही नही पाती है,नतीजन विभागीय अधिकारीयो की झूठी बातो से समस्याओ का न तो समाधान हो पाता है और न ही लोग संतुष्ट हो पा रहे है।शनिवार को जल संकट को लेकर जो जन आक्रोश जैतारण की सड़को पर उबलकर सामने आया,यह आक्रोश विभागीय अधिकारीयो की लापरवाही का ही परिणाम है,जहां शहर के अनेक इलाको मे कई पर क्षतिग्रस्त पाईप लाईनो के कारण जल संकट है तो कई पर कम प्रेशर के कारण शहरवासी पानी को लेकर परेशान है,अलबता कई स्थानो पर तो शहर मे पांच छ:दिनो मे एकबार ही पानी नशीब हो रहा है।मेरी बात भले ही उनको कड़वी लगेगी,लेकिन सत्य यही है की मंत्रीजी केवल अधिकारीयो की बातो पर ही यकिन करते है,उनको भी चाहिए की जनता की बातो पर भी थोड़ा यकिन मानते हुए अपने स्तर पर भी शहर मे यह सर्वे करवा ले की आखिर झूठ जनता बोलती है या अधिकारी...!कई मौहलो मे पानी की पाईप लाईने क्षतिग्रस्त है मगर उनको भी ठीक करवाने के लिए अब तो आम जनता के अलावा जनप्रतिनिधियो को भी मंत्रीजी से अधिकारीयो को फोन करवाना पड़ता है,मगर उनका जबाब सुनकर कई बार अपन को भी हैरानी होती है।अधिकारीयो का इन दिनो इन क्षतिग्रस्त पाईप लाईनो के लिए एक रट रटाया जबाब मिलता है कि लाईन सीवरेज वालो ने तोड रखी है,जबकि हकिकत तो यह होती है कि जहां लोग क्षतिग्रस्त लाईन की शिकायत करते है उस क्षेत्र मे अभी तक सीवरेज का काम शुरू ही नही है,मगर एक झूठ के कारण उस समस्या का समाधान नही हो पाता है,ऐसे अपने पास दर्जनो उदारण पड़े है जहां अधिकारी झूठ बोलकर अपना काम चला रहे है।जल महकमे से जुड़ी समस्याओ का जलदाय मंत्री के होते समाधान नही होने पर लाजमी है कि लोगो का आक्रोश विभाग के साथ साथ मंत्रीजी के प्रति भी बढता है।यह तो अकेले जैतारण शहर की बात है,जबकि ग्रामीण अंचलो मे तो हालात इससे भी अधिक खराब हो रहे है।गांवो की समस्या पर भी अधिकारी अकसर शिकायतो को राजनीति का रूप बताकर गुमराह करते है।चलते चलते अपन तो यही कहेगे की मंत्रीजी को अधिकारीयो की बातो के साथ आम अवाम की बातो पर परस्पर तस्दीक करने की पहल करनी चाहिए,ताकि विभागीय अधिकारीयो की बातो से किरकिर तो न हो...9413063300
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