जैतारण एसडीएम का यू तबादला होना...!
जैतारण(आईबीखांन)।
प्रशासनिक तंत्र मे तबादला होना एक सतत प्रक्रिया है।इस प्रक्रियां से सरकारी कर्मचारी को गुजरना पड़ता है,लेकिन जैतारण उपखण्ड अधिकारी महावीरसिंह का तबादला मात्र तीन माह की अल्प अवधि में होना न केवल इलाके में चर्चा का विषय बन गया है,बल्कि कई सवाल भी खड़े कर रहे है। पिछले 6 फरवरी 2017 को जैतारण उपखण्ड अधिकारी के रूप मे अपने पहले कार्यकाल की शुरूआत करने वाले उपखण्ड़ अधिकारी इन तीन महिनो में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं देते हुए प्रत्येक व्यक्ति को संतुष्ट करने का प्रयास किया,अलबता सभी लोगो से बेहतर तालमेल रखने में कमी नही रखी।उनके व्दारा राज्य सरकार की चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाएं खासकर जनसुनवाई कार्यक्रमो मे अनेको समस्याओ का निराकरण करने का सतत प्रयास करते रहे।हालांकि मेरी उनसे बामुश्किल एक या दो बार औपचारिक बातचीत हुई होगी,जहां मैने उनमे पहली मुलाकात मे ही एक सख्त अधिकारी के रूप मे उभरती छवि पाई।सत्तापक्ष से जुड़े लोगो के साथ ही उनका बेहतर तालमेल रहा,बावजूद इसके मात्र तीन माह के कार्यकाल उनका जैतारण से तबादला होना लोगो के गले नही उतर रहा है।हालांकि श्रीसिंह के यहां कार्यभारग्रहण करने के बाद मुझे यह आशंका पहले भी थी कि जैतारण के महत्वपूर्ण अधिकारीयो की पोस्ट पर एक साथ तीन सिंह कार्यरत रहना मुझे भी थोड़ा अजीब लगा,मसलन उपखण्ड अधिकारी महावीरसिंह,उप पुलिस अधीक्षक विरेन्द्रसिंह और विकास अधिकारी किशनसिंह राठौड़ यहां एक साथ अपनी सेवाएं दे रहे थे,तब मुझे सियासी तालमेल को देखते हुए इन तीनो ही अधिकारीयो को एक दो बार संकेत भी दिये थे कि किसी एक सिंह को जैतारण छोड़ना पड़ेगा,मे यह नही कहता की मेरे इस कथन से ही उनका तबादला हुआ हो,लेकिन आखिरकार एक सिंह को यहां से विदा लेना ही पडा।वैसे सियासी हल्को मे इसकी चर्चा कुछ और ही है।हालांकि उपखण्ड़ अधिकारी महावीरसिंह से उनके तबादले को लेकर मैने उनकी प्रतिक्रियां जानने का प्रयास किया,जहां उन्होने बताया की तबादला एक प्रक्रियां है।भविष्य में मौका मिला तो और जैतारण की जनता की सेवा करेगे...9413063300
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