...और वो प्रसव के लिए तड़पती रही,मगर नही आये चिकित्सक
जैतारण(आईबीखांन)।
सूबे के जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के गृह क्षेत्र के सबसे बड़े राजकीय चिकित्सालय मे बुधवार अलसुबह शहर की एक प्रसूता प्रसव के लिए तड़पती रही लेकिन न तो चिकित्सक आये और न ही समय पर 104 एम्बुलेस पहुंच पाई,अलबता प्रसव की लिए तड़प रही इस प्रसूता को लम्बे इंतजार के बाद 104 एम्बुलेस की सहायता से बिना किसी चिकित्सक की सलाह लिये अन्यत्र चिकित्सालय के लिए ले जाया गया।जैतारण राजकीय रैफरल चिकित्सालय की इस लचर व्यवस्था ने स्थानीय चिकित्सालय की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।जैतारण राजकीय चिकित्सालय मे बुधवार अलसुबह एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय चिकित्सालय लाया गया,जहां उसके परिजन इस प्रसूता का सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए चिकित्सालय मे चिकित्सको को प्रसूता का सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए देर तक उनका इंतजार करते रहे,तब किसी चिकित्साकर्मी ने बताया की यहां के चिकित्सक छूटटी पर है।ऐसे मे प्रसूता की प्रसव पीड़ा बढती गई,प्रसव पीड़ा के लिए कहराती इस प्रसूता को अन्यत्र ले जाने के लिए 104 एम्बुलेस को फोन किया गया,लेकिन यहां इसका चालक नदारत था।जैसे तैसे करके इसके चालक को बुलाया गया,मगर चालक चिकित्सको के अन्यत्र एम्बुलेस ले जाने के आदेश दिलाने की बात करता रहा,असहनीय प्रसव दर्द से तड़प रही प्रसूता को यधपि एक सेवानिवृत सेवाभावी ए.एन.एम.उसे दिलासा दिलाती रही।इतिफाक से "खांन मीड़िया"का चिकित्सालय जाना हुआ जहां यह नजारा देख 104 एम्बुलेस के चालक को येनकेन इस प्रसूता को समय पर अन्यत्र ले जाने के लिए तैयार किया।लगभग एक घंटे से अधिक समय तक प्रसूता प्रसव के लिए चिकित्सालय के मुख्य दरवाजे पर लगी कुर्सी पर तड़पती रही।मानवीय संवेदनाओ एवं प्रसूता की कष्ठदायक हालत को देखकर खांन मीडिया ने न तो इसकी तस्वीर लेना उचित नही समझा।ऐसे मे सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ राज्य सरकार सुरक्षित प्रसव सरकारी चिकित्सालय में करवाने पर जोर दे रही है,दूसरी और माननीय मंत्रीजी के गृहशहर के चिकित्सालय के यह हाल हो रखे है।माना की चिकित्सक छूटटी पर गये होगे,लेकिन ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पीछे इंतजाम किये जाने चाहिए थे।मगर मौके पर एक कर्मी ही मौजूद था...(नोट...तस्वीर प्रसूता की नही है)9413063300
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