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तो क्या इन बोर्डो की तरह गिरने लगा अब युवा नेताओ का राजनेतिक स्तर...!

जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण की सियासत एवं यहां के सियासतदानो की सियासत हमेशा ही चर्चित रही है।आपसी मनभेद भुलाकर यहा के नेता सार्वजनिक तौर अपन पर अपने मतभेद प्रकट करते है और करने भी चाहिय,क्योकि यह सियासत का एक हिस्सा भी है,लेकिन पुराने सियासतदानो के नक्शे कदम पर चलकर सियासत मे अपने भाग्य अजमाने को आतुर कुछ युवा तुर्को की सियासत का स्तर इतना गिरने लगा है कि वे मतभेद नही,बल्कि मनभेद की सियासत करते हुए अब वार्ड पार्षदो के नामकरण के बोर्डो को न केवल गिराने मे लगे है,अलबता इसके लिए उखाड़ पछाड़ तक करने लगे है,यह जानकर इस अनाड़ी कलमकार को गहरा धका लगा है।दरअसल अलसुबह इस अनाड़ी कलमकार को एक पार्षद ने सूचना दी की उनके नामकरण के बोर्ड को गिराते हुए उखाड़ दिया।बोर्ड किसने उखाड़ा और क्यो गिराया इस पचड़े में अपन नही पड़ेगे,लेकिन इन युवा तुर्को की गिरती सियासत एवं गिरते स्तर ने कई सवाल खड़े कर दिये है।जैतारण की सभी सियासती जमातो के सियासतदानो से अपना पुराना ताल्लुक रहा है तथा उनकी हर सियासी चाल,कुटनीति एवं उनके आचार विचार से यह अनाड़ी कलमकार जर्रे जर्रे से वाकिफ है,लेकिन वे एक दूसरो का इस अनाड़ी के सामने विरोध भी बयां करते है,मगर जैतारण का कोई बड़ा नेता उनके निजी आचरण पर कदापि नही बोलते,यह सकारात्मक राजनीति के लक्षण है।मुझे तो हैरत इस बात की हो रही है की यह युवातुर्क इन बड़े नेताओ का अनुसरण क्यो नही करते है।लानत है ऐसी राजनीति पर जो जनहित की बजाय व्यक्तिगत राजनीति का आधार बनाकर युवातुर्क अपने राजनेतिक स्तर को गिरा रहे है।वैसे जैतारण का कोई बड़ा नेता ऐसी घटिया राजनीति को न तो बढावा देते है और न ही वे ऐसी राजनीति करते है।पार्षद का बोर्ड गिराया यह कोई बड़ी बात नही है,असल मे बड़ी बात यह है की उनका राजनेतिक स्तर गिर रहा है यह बड़ी बात है।हालांकि हमने दोनो पक्षो की बात सुनी,जिसको सुनकर भी यही लगा की इनका राजनेतिक स्तर इस हद तक गिर जाएगा,ऐसी कल्पना हमने कभी नही की महाराज...!माफ करना मे ऐसी राजनीति को कदापि पसंद नही करता...!राजनीति मे जमकर लडो मगर लडाई विचारो की होनी चाहिए...9413063300

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