नेताजी और नेताश्री के जैतारण दौरा...!
आईबीखांन की कलम से
प्रदेश की सियासत मे अपनी पहचान रखने वाले जैतारण कांग्रेस के दो बड़े महारथी नेताजी एवं नेताश्री आगामी विधानसभा के चुनावी आहट के बीच पिछले दो-चार दिनो से इलाके मे अपने तूफानी दौरा शुरू करते ही अब कईयो के दिल के दौरे पड़ने के दौर शुरू हो गये है।नेताजी जहां जाते है वहां पार्टी की बात के साथ साथ अपने मन की भी बात करते है तो नेताश्री भी पार्टी की बातो के साथ साथ मौजूदा सरकार की बखिया उधेडते है।जैसा की यह फकड़ कलमकार शुरू से ही यह लिखता आया की जैतारण कांग्रेस के यह दो चेहरे ही ऐसे है जिनमे आमना-सामना होगा और न भी हुआ तो नेताजी तो पाचवी बार आगामी चुनावो मे अपना भाग्य अजमाए बिना मानने वाले नही है,तब ही तो वे हर जगह अपने मन की बात करते है।नेताजी की मन की बात नेताजी के अलावा यह फकड़ कलमकार अच्छी तरह जानता है,लेकिन उसे फिलहाल यू बयां नही करेगे।अपन ने दिल के दौरे की बात का जिक्र किया है तो लाजमी है उस पर थोड़ा प्रकाश डाल देते है।असल मे कांग्रेस की सियासत मे नेताजी और नेताश्री की जामम इतनी गहरी जमी हुई है कि शेष नेता इनकी जाजम को उखाड़ नही पा रहे है।अब जब इन दोनो की इस इलाके मे यू सक्रियता देख उनकी नीद उड़ने लगी है।अपन ने देखा की एक नेताजी को तो इनके दौरे की खबरे पढकर इस गर्मी मे सर्दी लगने लगी है।उपर से नेताश्री ने कांग्रेस मुख्या पायलट का जैतारण मे जल्द दौरा करवाने के बयानो से नेताजी सहित अन्य नेताओ मे भी कंपन होने लगा है।सुना है कि पायलट के नेताश्री करीबी माने जाते है और यह भी चर्चा है कि मुख्याजी ही टिकट वितरण का काम देखेगे,शायद इस विश्वाष के साथ नेताश्री जैतारण इलाके मे इन दिनो अपना ज्यादा समय देकर अपनी चुनावी चौसर बिछाने की जुगत मे लगे है।नेताश्री की वर्ष 1985 से ही यह इच्छा रही है की वे जैतारण से चुनाव लडे,उनकी यह ईछा तो भले ही अब तक पूरी नही हुई मगर वे इस दरम्यियान पांच साल तक दिल्ली की बड़ी पंचायत मे बैठने के बावजूद उनका जैतारण के प्रति अपना मोह कम नही हुआ है।एक बात तो यह फकड़ कलमकार उनके बारे मे यह जरूर जानता है की वे अपनी पार्टी के प्रति निष्ठावान है,उनकी निष्ठा का आंकलन इस बात से भी किया जा सकता है की 1985 से जैतारण से एकबार भी टिकट न मिलने पर उन्होने अपनी निष्ठा नही बदलीअलबता टिकट न मिलने पर अपने नेताजी से दो बार रहा नही गया।मेरी बात भले ही पढने वाले उन भावी विधायको को जरूर अखरेगी और मेरे पर बेतुके आरोप भी लगाएगे,लेकिन मे भी जिद्दी हू अपनी बात करके ही रहूगां,जैतारण मै यह दो महारथी ही होगे जिनमे एक को टिकट मिलेगा,बाकि के बारे क्या लिखू...! क्योकि शादी विवाहो आदि मे जाने से यू टिकट मिलते तो फिर नेताजी क्या शादीयो मे आजकल से थोड़ी जा रहे है।चलते चलते एक बात पर नेताजी की तारीफ करने का आज पूरा मुड़ है,क्योकि नेताजी के पास कार्यकर्ताओ की कमी नही है तो नेताश्री के पास नेताओ की कमी नही है।शेष नेताओ के बारे मे लिखना और सूर्य को दीपक दिखाना है।जितना जनता नही जानती उतना यह फकड़ कलमकार जानता है...अंहकार इतना रावण भी नही रखता और काम कुछ नही,लेकिन मिलने की उनको फुर्सत नही...9413063300
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