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आखिर ठेकेदार पर यह रहमो करम क्यो...!

जैतारण-आईबीखांन
सूबे के जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के गृह शहर मे लगभग 45 करोड़ की लागत से बिछाई जाने वाली सीवरेज लाईनो का कार्य जैतारण नगरपालिका की सीवरेज ठेकेदार पर रहमदिली के चलते यह कार्य इन दिनो आनन फानन मे पूरा किया जा रहा है,जिससे सीवरेज लाईनो के बिछाने के इस निर्माण कार्यो पर सवालियां निशान लगने लगे है।दरअसल सीवरेज के ठेकेदार व्दारा बरसात के मौसम से पहले पहले अपने इस कार्र को पूर्ण कर यहां से विदाई की राह देख रहा है।लिहाजा इसको लेकर शहर मे उसके कुशल श्रमिको व्दारा जगह जगह दिन रात पालिका के जी सेडियूल एवं तय नियमो के विपरित कार्य कर रहे है।मगर मझाल है किसी की जो ठेकेदार के इन कार्यो की कोई मौके पर जाकर तकनीकी अधिकारी जांच करे।इस ठेकेदार के इस कार्य की गुणवता की यधिपि यह अनाड़ी कलमकार जांच करने मे सक्षम नही है,इसका मतलब यह नही की जिनकी जिम्मेदारी है वे भी अनाड़ी बनकर बैठे रहे।आरोप है की सीवरेज के ठेकेदार व्दारा शहरभर मे जो भूमिगत लाईने बिछाने,हौदीया बनाने के अलावा इनमे कनेक्शन देने के लिए जो सामग्री उपयोग मे ली जा रही है वो गुणवतायुक्त नही है।आज अलसुबह पांच बजे यह अनाड़ी कलमकार शहर के मुख्य सदर बाजार मे ठेकेदार के इस उल्लेखनीय कार्य की पड़ताल की तो पता चला की इनके श्रमिक आनन फानन मे सड़के तौड़कर बाजार मे बेतरतीब बनी सीवरेज की हौदीयो मे कनेक्शन की पाईप लाईन डालने का कार्य कर रहे थे,जहां देखा की मौके पर न तो कोई तकनीकी अधिकारी और न ही श्रमिको को कोई यह बताने वाले मौजूद थे की इन पाईपो का लेवल यह होना चाहिए।आनन फानन मे सड़क खौदकर इस लाईन को ऐसा डाला गया जहां लाईन पर कोउ वाहन निकलते ही उनको क्षतिग्रस्त होनै से कोई बचा नही सकता...! यह तो एक ठेकेदार के इस उल्लेखनीय कार्र की नजीर मात्र है,अवबता नगरपालिका की ठेकेदार पर दरियादिली के कारण ऐसे उल्लेखनीय कार्य अनेको जगह किये है,जिनकी यह अनाड़ी कलमकार इबारत लिखे उतनी कम है।कसम खुदा की नगरपालिका को न तो ऐसा ठेकेदार मिलेगा और न ही ठेकेदार को ऐसी नगरपालिका मिलेगी...! और जैतारण शहर जैसी मुक जनता तो तीन लोक मे भी नही मिलेगी जो चुपचाप देखने के अलावा और कुछ करना जानती भी नही है।सीवरेज के ठेकेदार ने न जाने इस नगरपालिका पर ऐसा क्या मोहिनी मंत्र किया जहां पालिका के तमाम लोग इस मंत्र के पाश मे ऐसे बंध गये है की उनको ठेकेदार के उल्लेखनीय कार्यो को देखने की फुर्सत ही नही मिलती...!जैसा की अपन कई बार यह लिख चुके है की हम सीवरेज के कार्य के विरोधी नही है,लेकिन अनाड़ी होने के कारण कभी कभार पालिका के नगारखाने मे तुती बजाने की हिमाकत जरूर कर लेते है।हमे मालूम है पालिका के नगारखाने मे अपनी तूती की आवाज किसी को सुनाई नही पड़ेगी पडेगी,क्योकि यहां हर काम रस्मो रिवाजो से ही होते है...9413063300

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