Header Ads

तो क्या डिस्काम इस हादसे के बाद अब सबक लेगा या नही...!


जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण क्षेत्र के फालका ग्राम के दो युवको की बिजली के झुलते तारो से कंरट लगने से मौके पर मौत होने की खबर अलसुबह सुनकर मे विचलित हो गया।चुकि बिजली के कंरट के झटके ने दो साल पहले मेरे एक परिजन की मौके पर हुई दर्दनाक मौत की इस खबर को पढकर मेरे घाव फिर गहरे हो गए...लेकिन फालका की यह घटना डिस्काम की लचर कार्यप्रणाली के कारण हुई है, तो लाजमी है,इन युवको की मौत के जिम्मेदारी उनकी होनी चाहिए।रविवार अलसुबह अपने घरो से दौड लगाने की बात को लेकर अपनी एक बाईक पर सवार होकर जब यह युवक निकले ही थे कि फालका जी एस एस से पानी की टंकी पर जा रही 11 के.वी.वर्षो पुरानी लाईने जिसकी इसे लगाने के बाद आज दिन तक डिस्काम ने सार संभाल तो दूर की बात वापस कभी इसे देखा भी नही,जो बीती रात तेज हवाओ के कारण स्पार्किग होकर टूटकर बीच रास्ते पर बबुल पर लटक गई,जहा सुबह दोनो युवक अपनी बाईक लेकर इसके नीचे होकर निकल ही रहे थे की इसकी गिरफ्त मे आ गए, नतीजन देखते ही देखते दो घरो के यह चिराग बुझ गये।घटना की जानकारी मिलते ही वहां बड़ी संख्या मे लोगो की भीड़ एकत्रित हो गई, और सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला मौके पर पहुचा,जहा इन अधिकारीयो का ग्रामीणो का विरोध भी झेलना पड़ा होगा यह दिगर बात है।अव्वल तो सवाल यह है कि डिस्काम ने यदि इस वर्षो पुरानी लाईन की समय समय पर सार संभाल क्यो नही की गई, यदि की होती तो जैसा ग्रामीण बता रहे है उस लिहाज से यह हादसा नही होता,ग्रामीणो का आरोप है की डिस्काम यू तो हरवर्ष बिजली की लाईनो के रखरखाव के नाम पर बिजली कटौती करता है,फिर इस लाईन को आज दिन तक देखा क्यो नही गया।इसके अलावा ग्रामीण यह भी आरोप लगाते रहे है की फालका गांव मे ही नही हर गांव मे यह विधुत लाईने यू ही पड़ी है।उनके अनुसार जागरूक लोगो व्दारा ऐसी लाईनो की मरम्मत करने की मांग समय समय पर हर गांव के ग्रामीण करते है,जहां डिस्कामकर्मी सुविधा शुल्क देने वालो की तो लाईने दुरस्त कर देते है,मगर ऐसी लाईनो पर ध्यान नही देते है,वैसे फालका की यह लाईन वाटरबोर्ड से जुड़ी हुई है जहां डिस्काम इसके रख रखाव पर यू भी ध्यान नही देता।चुकि अब जब फालका गांव मे दो परिवारो के चिराग बुझे है तो इस फकड़ कलमकार को भी दो साल पहले अपने परिवार मे बिजली के कंरट से हुई दर्दनाक मौत का वो मंजर बार बार याद आ रहा है,मे उन परिवार की पीड़ा एवं संवेदनाओ को भली भांति समझता हू जिनके हंसते खेलते दो चिराग आज डिस्काम की लापरवाही से बुझ गये।चलते चलते इस फकड़ कलमकार एक ही सवाल है,क्या डिस्काम इस हादसे के बाद सबक लेगा या नही...! 9413063300

कोई टिप्पणी नहीं