आखिर आमरण अनशन पर बैठने के लिए क्यो मजबूर है पारीक...!
जैतारण(आईबीखांन)।
सबका साथ-सबका विकास के नारे का दम भरने वाली सूबे की मौजूदा सरकार के सरकारी कारकून जनहित से जुड़ी समस्याओ का कितनी संवेदनशीलता के साथ समाधान करते है,उसकी एक नजीर से अपन आज अवगत करवा रहे है,जहां एक दिव्यांग अपने गांव की विभिन्न समस्याओ का समय पर समाधान नही होने पर अबतक दो बार आमरण अनशन कर चुका है मगर बदले मे उसे सरकारी कारिन्दो ने झूठ का जूस पिलाकर उसका अनशन तुड़वाने के अलावा इससे अधिक कुछ नही कर पाया है।जी हा अपन बात कर रहे है सूबे के जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के जैतारण क्षेत्र के उस बलूंदा गांव के परसराम पारीक की जिसने अपने गांव की समस्याओ के लिए अब तक दो बार आमरण अनशन करने के बाद प्रशासनिक अमला उसका अनशन तो तुडवा देता है,मगर उसकी समस्या का समाधान नही कर पा रहा है।अपने गांव की विभिन्न समस्याओ के निराकरण की उम्मीदो को लेकर श्री पारीक ने इस अनाड़ी कलमकार को जो दास्ता बयां की उसे सुनकर तो ऐसा नही लगता की उसकी समस्या गैर वाजिब है जिसके लिए वो तीसरी बार आमरण अनशन पर बैठने की तैयारी करे।उन्होने बताया की यू तो पूरा गांव विभिन्न समस्याओ से झूझ रहा है,मगर उसकी मूल समस्या यह है की बलूंदा गांव के विशाल तालाब,अगौर,गौचर इत्यादि पर लोगो ने अवैध कब्जे कर उस पर खुला अतिक्रमण कर रखा है जिसको हटाने की मांगो को लेकर यह दिव्यांग पिछले लंबे समय से शासन से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा चुका है,लेकिन यह दुर्भाग्य की बात ही है की उसकी अभी तक सुनवाई नही हो पाई है।अलबता दिखावे के नाम पर ग्राम पंचायत ने अपने नाला निर्माण के समय चंद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कर अपनी औपचारिकताओ की रस्मे ही अदा की है,जबकि हालात अब पहले से भी बदतर होने लगे।अपने दोनो पैरो से दिव्यांगी का दंश झेलने वाले श्री पारीक पिछले कुछ समय से सरकारी दफ्तरो पर एक थैली मे सरकारी आश्वासनो के लिखित पुलिन्दे लेकर भटकने को मजबूर श्री पारीक की वर्तमान मे कोई सुनवाई करने वाला नही है।थका हारा यह पारीक पिछले कुछ दिनो से अपनी समस्याओ के पुलिन्दे लेकर अपनी दास्ता बयां करने के लिए इस अनाड़ी कलमकार के सम्पर्क मे है,मगर यह अनाड़ी इसकी समस्या का समाधान करने के लिए योग्य नही है,वैसे भी सरकारी दफ्तरो का पानी पीते पीते यह अनाड़ी कलमकार भी सरकारी कारकूनो की तरह झूठी दिलासा ही उसे दे पाया है।श्री पारीक ने बताया की वे एकबार फिर आगामी दिनो मे ग्राम पंचायत के बाहर आमरण अनशन करेगा,मगर इसबार वो झूठ का जूस नही पीएगा...!चलते चलते यह अनाड़ी अपनी टूटी फूटी लाईने लिखकर अपनी बेतुके शब्दो को विराम दे रहा है...रख हौसला वो मंजर भी आएगा,एक दिन खुद कुआ चलकर प्यासे के पास आएगा...!9413063300
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