सतापक्ष के साथ वे बोलते है विपक्ष की भी जय...!
(आईबीखांन की कलम से)-
आमतौर पर यह देखने को मिलता है कि जिनके पास सता एवं राज होता है तो अधिकारीयो व कर्मचारीयो को हमेशा सत्तापक्ष के साथ रहने के अलावा उनके निर्देशो का पालन करना होता है,लेकिन जैतारण मे कुछ बड़े औहदो पर विभाग के मुख्या बन बैठे कुछ अधिकारी ऐसे भी है जो इन दिनो सत्तापक्ष के नेताओ की जय बोलने के साथ-साथ विपक्षी नेताओ के भी जयकारे लगा रहे है,मगर सतापक्ष के लोग ऐसे अधिकारीयो की पहचान नही कर पा रहे है।मेरी बात पढने मे भले ही अटपटी लग रही होगी,लेकिन यह लाख टका सच है कि जैतारण मे कुछ अधिकारी आज भी ऐसे कार्यरत है जिनका विपक्षी नेताओ के साथ मधुर संबध है।यदि उनके मधुर संबध नही है तो फिर वे उनके निर्देशो का ऐसा पालन क्यो करते है जैसे सतापक्ष वालो का करते है।इन दोहरे चरित्र वाले अधिकारीयो की इस दोहरी नीति का खामियाजा उनके अधीनस्थ छोटे अधिकारीयो को भी झेलना पड़ता है।जैतारण की राजनीति मे सतापक्ष के अलावा कुछ ऐसे भी नेता है जिनका अधिकारी आज भी निर्देशो का पालन करते है।मे किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नही कर रहा,इसका मतलब यह नही की मुझे उनसे भय लगता है,असल में यह सतापक्ष वालो को देखना होगा की जिनकी छत्रछाया मे वे यहा विभाग के मुख्या बने हुए है वे उनके वफादार है भी या नही...!सतापक्ष वालो को भले ही उनकी वफादारी पर संदेह अभी न हो रहा है,लेकिन इस अनाड़ी को तो शुरू से ही यह सदैव संदेह रहा है की वे सतापक्ष के वफादार नही है,अपन ने तो ऐसे अधिकारीयो को उनके निर्देशो का पालन करते देखा भी है और विपक्षीयो के मुंह से लोगो की मांग के अनुसार काम होने पर यह घोषणा करते भी सुना है की यह काम हमने करवाया है।यह दिगर बात है कि सतापक्ष के लोग इस अनाड़ी कलमकार की बात पर यकिन करते या नही...!लेकिन आज नही तो क्या आने वाले समय मे अपनी बात का यकिन जरूर हो जाएगा...!9413063300
Post a Comment