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आखिर यह शिलालेख तौडा गया या टूट गया...!


जैतारण,-आई.बी.खांन
जैतारण राजकीय चिकित्सालय के पास विगत 21 मई को स्थापित की गई संविधान निर्माता डाॅ.भीमराव अम्बेडकर की आदमकद मूर्ति का अनावरण समारोह के दौरान लगाये गया शिलालेख पिछले दो दिनो से क्षतिग्रस्त होकर मूर्तिस्थल के नीचे पडा है। चर्चा है कि आखिर इस आदमकद मूर्ति पर निर्माण विभाग के द्वारा मजबूती के साथ लगाये गया यह शिलालेख स्वतः ही टूटा या फिर किसी समाजकंटको ने इसे किसी साजिश के तहत तौडा गया है। उल्लेखनीय कि विगत 21 मई को राज्य विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के मुख्य अतिथि एवं जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस मूर्ति अनावरण समारोह में यू भी शिलालेख पर इन दोनो के नाम सहित एक अन्य नाम अंकित है, इसके समकक्ष एक अन्य शिलालेख लगाने की भी उस समय कुछ लोगो ने मांग करते हुए बकायदा एक शिलालेख को मंच लगाने के लिए बकायदा मंच पर भी लाया गया था मगर उसे नही लगाया गया। कुछ विवाद तो उस समय भी पर्दे के पीछे हुआ था,लेकिन पोटोकाल के तहत यहा एक ही शिलालेख लगाया गया था जो सर्वविदित है। इस संबध में इस अनाडीकलमकार ने दलित लोगो से बातचीत करते हुए बाबा साहब अम्बेडकर की मूर्ति पर लगे इस शिलालेख को इस प्रकार टूटने का कारण जानने का प्रयास किया,लेकिन उन्होने भी अपनी अनभिज्ञा जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर मूर्ति अनावरण समिति द्वारा अज्ञात लोगो के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया जाएगा। उन्होने इस घटना की कठौर शब्दों में निंदा करते बताया कि यदि किसी समाज कंटक ने वाकई में इसे तौडा है तो यह शर्मनाक कृत्य है,इस मामले की जांच करवाई जायेगी। बहरहाल दो माह पूर्व भव्य समारोह के तहत इस मूर्ति का अनावरण किया गया हो और उसका शिलालेख इस प्रकार क्षतिग्रस्त होकर गिरना जरूर कुछ कहानी बयां कर रहे है। अपन ने मौके पर देखा तो वहां यह शिलालेख कांच के मानिद टूकडे टूकडे होकर बिखरा पडा है। जानकार लोगो का कहना है कि इस शिलालेख को विशेष केमीकल से चिपकाया गया था,जो बरसात के होने पर भी न तो यह नीचे गिर सकता है और न ही तेज धूप से यह चटक सकता है। ऐसे में सबसे बडा सवाल यह है कि फिर यह कैसे क्षतिग्रस्त हो गया। क्या यह स्वतः टूटा या फिर किसने ने तौडा फिलहाल यह जांच का विषय बन गया है।9413063300

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