समय मिले तो इस शहर की शहर जरूर करना...!
जैतारण/आईबीखांन।
अपने शहरी क्षेत्र मे आज एक पखवाड़े के अतंराल से क्या रहमत की बरसात हुई की अपने शहर की आबोहवा ही बदल गई।बदले भी क्यों नहीं,अपनी शहरी हुकूमत ने इसी आबोहवा को बदलने के लिए कई करोड़ का जो खर्च किये है।शहर की आधुनिक सडकों पर हर तरफ पानी ही पानी...!हर तरफ बस शहरी निकाय के जलवे नजर आ रहे है।दरअसल जब से इस शहर को आधुनिक शहर बनाने की जो जिदोजेहाद की जा रही है,तब से लेकर अब तक अपने शहर की फिजाओं में बदलाव देखे जाने लगा है।अपन ने भी आज बरसती बरसात मे शहर की परिक्रमा की जहां हर क्षेत्र के लोग अपन पर फबियां और तंज कसने मे कोई कसर नहीं छोड़ी, क्या नजारे...!जैतारण की शानदार गलियों, चौराहा पर हर तरफ हर किस्म के फूल खिल कर शहर की रौनक बढाते दिखे।काश ऐसा नजारा शहर हुकूमत के हुक्मरान और दिगर अहवाल देख ले तो वे भी गदगद हो जाते।शहर का मेड़ता मार्ग, झुझण्डा मार्ग, तालकिया मार्ग, आगेवा-गौशाला वाया भाटी चौराहा, अपनी पोश काँलोनी ऐसे बहुतरे इलाके है जहां शहरी हुकूमत के बेहतरीन कार्यों का लोग यशोगान कर रहे है।इन सीवरेज वालो के कारकूनों की भी आज लगे हाथ तारीफ करनी होगी,सीवरेज का क्या उमदा कार्ये किये जिसकी अमिट छाप हर जगह दिखाई दे रही है।मुख्य सडकों पर चलते फिरते भला चंगे वाहन इनके कार्यों की बदौलत बीच राहो मे ही धसते रहे..!आज बरसात क्या हुई अपने शहर की दिलो दशा देखकर आज इस अनाडीकलमकार की फटी पुरानी शब्दकोश की किताब मे इनकी तारीफ करने के वे शब्द नहीं मिले।चलते चलते एक गुजारिश है उन लोगों से भी जिन्होंने आज शहर का भ्रमण नहीं किया है,वे आज भ्रमण जरूर करके देख ले।बाद मे इस अदने कलमकार पर यह तौमद मत लगाना की हमे बताया क्यों नहीं, क्योंकि इस यार शहर मे अपन पर हरकोई तौमद लगाने से नहीं चुकते है।9413063300
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