सीवरेज के कार्यों मे सब गोलमाल है,आखिर क्यों...?
जैतारण/आईबीखांन।
जैतारण शहर मे सीवरेज के ठेकेदारों की लापरवाही का दंश अभी से ही शहरवासी भुगतने लगे है।शहरी निकाय की बैठक मे जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की जमकर लताड़ खाने के बाद भी लगता है,उन पर इस लताड़ का कोई असर नहीं हो पाया है।और होगा भी नहीं क्योंकि इन ठेकेदारों ने अपन जैसो का मुंह बंद कर रखें है।कल निकाय की बैठक मे मात्र मुख्याजी को छोडकर पूरा सदन इन सीवरेज वालों को जमकर खरी खोटी सुनाई लेकिन उन्होंने इस कान से सुनकर लगता है,दूसरे कान से निकाल दिया..।सीवरेज ठेकेदारो पर यदि माननीय सदस्यों की बातों का थोड़ा भी असर होता तो शायद वे अपनी लापरवाही को सुधारने की पहल अब तलक शुरु कर देते।सीवरेज के कार्यों की यू तो लापरवाहीयो की लंबी चौड़ी फेरियस्त है,जिनको बार बार बताना मेरे अब लाजमी नहीं है।शुक्रवार सांय को रोडवेज बस स्टेशन के सामने सीवरेज की लाईन खोदते समय इन्होंने अपने जलदाय विभाग की तीनो बडी लाईनो को तोडकर उन पर मरहम पट्टी करके उसे भगवान भरोसे छोड दिया, यही नहीं उन्होंने इसकी सूचना जलदाय विभाग को भी नहीं दी की हमने लाईन तौडी है।आज जब शहर के कई हिस्सों मे पानी नहीं आया तो लोगों की मांग पर विभागीय अधिकारियों ने अपना फर्ज अदा कर शहर के कुछ हिस्से मे पानी छोडा ही था की बस स्टेशन के सामने मरहम पट्टी की हुई लाईन पानी का प्रेशर बढते फिर फूट गई और देखते ही देखते बस स्टेशन पर जलधारा बहने लगी...!अरे जनाब कल तो आप सीवरेज वालों को सुधर जाने की नशीहत दे रहे थे,मेरा उन हुक्मरानों से यही सवाल है की आखिर आपने कौनसी ऐसी नशीहत दी जिसका असर 24 घंटे मे ही टाय टाय फिश हो गया।इस अनाडीकलमकार का जहां तक अनुमान है उससे तो यही साबित हो रहा है की जैतारण नगरपालिका के हुक्मरानों ने केवल सदन को दिखावे के तौर पर ही ठेकेदार को नशीहत देकर गुमराह ही किया या फिर ठेकेदार आपकी नशीहत मान नहीं रहा है।मुझे तो कल ही सदन मे इस बात का आभाह हो गया था की यह नशीहत केवल दिखावटी है।हमने यह देखा भी है और हमारे पास सदन की कार्यवाही के वे वीडियो भी मौजूद है,जब सदन के सतापक्ष और विपक्ष एक मत होकर सीवरेज के लापरवाही युक्त कार्यों पर अपना रोष प्रकट कर रहा था,लेकिन मुख्याजी ने तो सीवरेज वालों को एक शब्द मे भी नहीं पूछा की यह सदस्य क्या कह रहे है...वे क्यों नहीं बोले इस पर टिका टिप्पणी करना उचित नहीं है,इतना तो यह अनाडीकलमकार भी समझता है और माननीय सदस्य भी समझते होगे.. लानत है ऐसे कार्यो पर...!सीवरेज की हकीकत क्या है यह अपन से छुपी नहीं है,मगर चलते चलते अपन तो यही कहेंगे सीवरेज मे सब गोलमाल है।यदि गोलमाल नहीं है तो फिर सीवरेज के ठेकेदार निकाय के हुक्मरानों के आदेशों की पालना क्यों नहीं कर रहे है।गोलमाल नहीं है तो मझाल है ठेकेदार लापरवाही पर लापरवाही करता रहे और बेचारी जनता इसका खामियाजा यू भुगती रहे...!9413063300
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