आखिर नेताजी ने भी कर दिखाया अपना शक्ति प्रदर्शन...!
जैतारण/आईबीखांन।
जैतारण विधानसभा क्षेत्र की सियासत मे अपना अहम वजूद रखने वाले नेताजी ने आज आखिरकार पार्टी के सम्मेलन नाम पर अपना शक्ति प्रदर्शन कर आगामी विधानसभा के चुनाव मे पांचवीं बार अपना भाग्य आजमाने की ताल ठोकते हुए अपने विरोधी लोगों का बगैर नाम लेते हुए उन पर लगे हाथ जमकर भडास निकालते हुए एलान-ए-जंग का ऐलान ही कर दिया।रिमझिम बरसात के बीच खुशनुमा माहौल मे नेताजी ने अपने भाषण मे विपक्ष एवं सरकार को तो कम बल्कि अपने ही केसरिया लोगों पर जमकर तीर छोड़े।हालांकि नेताजी ने इस कार्यक्रम मे समलित ह़ोने के लिए इस अनाडीकलमकार को विशेष दावतनामा भी भेजा, लेकिन अपन न तो नेताजी के इस सम्मेलन मे शरीक हो पाये,अलबत्ता दाल-बांटी जीमने से भी वंचित रहे।नेताजी ने अपने कार्यकाल की यादों को भी खुब भुनाया और अपने कार्यकाल की एक एक उपलब्धियों का बखान भी खुब किया।बिराठीयां की पावनधरा पर आयोजित हुए इस सम्मेलन के फोटोज अपने पास आये उनको देखकर मुझे थोड़ी हैरानी हुई।हैरानी इस बात की हुई की नेताजी की रहनुमाई मे आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों मे अपना वर्षों का यह अनुभव रहा की नेताजी के नाम पर भारी भीड उमडती है,लेकिन आज के सम्मेलन मे नेताजी वो भीड तो नहीं जुटा पाए...भीड़ न आने का कारण भले ही राजनैतिक गलियारों मे कुछ भी लगाया जा रहा होगा, लेकिन मेरा मानना है की बरसात के कारण शायद ऐसा हो गया होगा,क्योंकि अपन खुद बरसात की वजह से दाल-बांटी खाने से साधन होते हुए भी वंचित रह गये, अलबत्ता नेताजी अपने इलाके के एकमात्र ऐसे नेताजी है जिन्होंने भीड एकत्रित करने मे बचपन मे ही पीएचडी कर ली थी,इनके मुकाबले मुझे तो दूसरा कोई ऐसा नेता मेरी नजर मे नही है जो इनके मुकाबले मे भीड जुटाने का माद्दा रखता है।लेकिन बरसात को भी आज ही आना था।सम्मेलन मे एक खास बात जो रही वो यह थी की उनके भरोसेमंद कार्यकर्ताओं ने भी हरहाल मे नेताजी के चुनाव लडवाने के लिए उनको प्रेरित करते रहे।सम्मेलन मे नेताजी के अधिकतर वक्ताओं ने नेताजी और अपने आपको पार्टी का वफादार बताया और विरोधियों को जो तमगा दिया उस पर अपन कोई टिका टिप्पणी नहीं करेंगे,क्योंकि की यह इनकी पार्टी का अंदर का मामला है जिसमें अपन दखलंदाजी नहीं करते।हालांकि नेताजी ने अपने चुनाव लडने का जरूर इशारा किया मगर यह नहीं बताया की वे पार्टी से लडेगे या बिदास होकर।वैसे नेताजी का पार्टी के बैनर तले अबतलक दो बार मौका मिल चुका जहां उनके लिए टिकट यू भी मुफिद नहीं है।चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की आज बरसात के खुशनुमा माहौल मे यह अनाडी दाल बांटी का आनंद नहीं ले पाया।हमारी भी आमलोगों के साथ रहते फिरते दाल बांटी खाने की ऐसी आदत पड गई की अपना भी ध्यान भाषणों की बजाय भोजन पर ही ज्यादा रहता है,यह अपनी एक बुरी आदत रही है।वैसे चुनाव नजदीक आते ही अब तो हमें इस दाल बांटी की रही कसर कई और निकालनी ही पडेगी..। वैसे सुनने मे आ रहा है की नेताजी और नेताश्री के बाद आगामी दिनों मे कोई और नेता भी ऐसा सम्मेलन करने का मानस बना रहे है...!9413063300
Post a Comment