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कई फिर सियासत की भेट न चढ जाय सफाईकर्मियों की भर्ती का मामला...!

जैतारण/आईबीखांन।
जैतारण नगरपालिका मे सफाई कर्मचारियों के रूप मे भर्ती लेने की मांग कर रहे जैतारण के वाल्मीकि समाज के लोगों को माननीय जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल की दखल के बाद भले ही शहरी निकाय के हुक्मरानों एवं मुख्याजी ने इस समाज के लोगों को आगामी माह अक्टूबर तक नियमानुसार पात्र लोगों को भर्ती मे लेने का आश्वासन क्यों नहीं दिया हो मगर इस अनाडीकलमकार को इनकी भर्ती लेने की प्रक्रिया मे एकबार फिर राजनैतिक अडगा फसता अभी से नजर आने लगा है।अलबत्ता राजनेतिक अडगाबाजी नहीं होती तो जैतारण नगरपालिका मे अबतक इनकी भर्ती कब की हो चुकि होती, लेकिन पर्दे के पीछे सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए अब तक चल रहे राजनीति के इस खेल को न तो वाल्मीकि समाज के लोग समझ पाये है और न ही पालिका के जनप्रतिनिधि इसको समझने का अबतक प्रयास कर पाये है।सुना गया है कि पालिका के मुख्याजी ने इसबार वाल्मीकि समाज के लोगों को लिखित मे अक्टूबर तक भर्ती लेने का आश्वासन दिया है।हालांकि उनका लिखित मे आश्वासन देना कानून की दृष्टि मे यू भी मायने नहीं रखता है,ऐसा अपन नहीं बल्कि शहरी निकाय की वो कानून की किताब मे लिखी इबारत कह रही है।क्योंकि सरकारी नौकरी के लिए यहां किसी जनप्रतिनिधि के अपने लिखित नियम या आश्वासन काम नहीं आते बल्कि इसके लिए कुछ निकाय के नियम काम आते है।यदि आश्वासनो से इनकी भर्ती हो जाती तो अपन को अच्छी तरह याद है कि जब वाल्मीकि समाज के लोगों ने कुछ माह पहले भर्ती की मांग को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर यह लोग अनशन पर बैठे थे तो तत्कालीन, उपखंड अधिकारी श्री घनश्याम शर्मा की अगुवाई मे एक कमेटी गठित हुई थी जहां उस समय भी इन लोगों को यह आश्वासन मिला था कि इनकी भर्ती मार्च 2017 तक हरहाल मे बोर्ड की बैठक मे प्रस्ताव लेकर कर ली जाएगी...!यह दिगर बात है कि उस समय मुख्याजी ने वाल्मीकि समाज को लिखित मे आश्वासन नहीं बल्कि उनके प्रतिनिधि ने कमेटी के समक्ष आश्वासन दिया, लेकिन क्या उस समय इनकी भर्ती ली गई।यदि ले ली होती तो आज लिखित मे आश्वासन देने की यू नौबत नहीं आती।उस समय भर्ती नहीं लेने का जो सबसे बड़ा कारण इस अनाडीकलमकार को समझ मे आया है,की इनकी भर्ती नहीं लेने के पीछे वाल्मीकि समाज के लोगों की अगुवाई करने वाले एक युवातुर्क इनकी नियुक्ति के लिए रोडा बनना बताया गया।लेकिन अब युवातुर्क की जगह इनकी रहनुमाई करनेवाले दूसरे लोग आने के कारण मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है की सफाई कर्मचारियों की भर्ती मे ऐसे रोडे अभी और आएंगे...!जैतारण नगरपालिका मे पर्दे के पीछे रहकर सियासत करनेवाले नेताओं को यह कतई पसंद नहीं है की सफाई कर्मियों की भर्ती का श्रैय माननीय मंत्री गोयल को जाय...!शायद यह सियासत हरकोई अभी तक समझ नहीं पा रहा है।चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की सियासत जमकर करो,मगर ऐसी सियासत मत करो जिससे किसी का हित मारा जाय...9413063300

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