यहां सरकारी दफ्तर मे छलकते है दिनभर जाम...!
जैतारण/आईबीखांन।
जैतारण शहर के कुछ सरकारी दफ्तर ऐसे है,जिनकी उच्च अधिकारियों के व्दारा समय समय पर अपने दफ्तरों की खैर खबर नहीं लेने और यहां कार्यरत अधिकारियों की अपने अधीनस्थ कार्मिकों पर प्रभावी लगाम नहीं लगाने के कारण ऐसे ही दफ्तरों मे उच्चे पदो पर काम करने वाले कारिन्दों के व्दारा अब अपनी डूयूटी के दौरान जमकर सूरा चढाकर अपना सरूर बनाते है।यह सरकारी दफ्तर और कोई नहीं बल्कि जैतारण पंचायत समिति के पिछवाड़े मे स्थित ब्लाक सी.एम.एच.ओ.है,जो यू तो क्षेत्रभर मे नशामुक्ति का समय समय पर अभियान चलाकर लोगों मे नशामुक्ति की जन जागृति लाते रहते है मगर यह विभाग अपने कुछ कार्मिकों को लगता है इस अभियान का पाठ अभी अच्छी तरह से नहीं पढा पा रहा है। शायद यहां यही कारण है कि यहां के कुछ कारिन्दों की मदपान किये बिना उनकी आंखें भी नहीं खुलती।जैसा की इस अनाड़ीकलमकार के मुखबिरों ने बताया की गत दिनो आयोजित जिलास्तरीय चिकित्सा अधिकारियों की वीडियो क्रान्फेस मे एक कार्मिक सूरा चढाकर आ गया, जहां मौके पर कुछ चिकित्सकों ने उसे जमकर खरी खोटी सुनाई।आरोप है की एक दो कारिंदे दोपहर पहले ही इसका एक दौर कर सूरा का सरूर चढा लेते है,जैसे जैसे सूरा उतरती वैसे वैसे यह लोग सुरा चढाकर अपना सरूर बनाते रहते है मगर इनको न तो कोई ठोकने वाला है और न ही उनको कोई रोकने वाला है।मयखाने के रूप मे चल रहे इस दफ्तर मे आमजनों का न तो आना जाना रहता है और न ही इससे इनका वास्ता है।सच कहू तो यह अनाडीकलमकार पहली बार इस दफ्तर को देखा,जहां अपन अनाड़ी बनकर गये तो आज भी सूरा की भिन्नी भिन्नी महक आ रही थी।हालांकि इस अनाड़ीकलमकार की पत्रकारिता का शुरू से ही यह उसूल रहे है की हमने आज दिन तक किसी की निजी जिन्दगी मे नहीं झाका,मगर सरकारी दफ्तरों मे निजी जिंदगी का कतई कोई कार्मिक डूयूटी के दौरान यू आनंद नहीं ले सकते जैसे यह सरकारी दफ्तर नहीं बल्कि उनका निजी घर हो।चलते चलते अपन तो उन अधिकारियों से यह सवाल करेंगे की यह सरकारी दफ्तर है या मयखाना...!यदि मयखाना नहीं है तो फिर आपने ऐसे कार्मिकों के खिलाफ स्वयं ने कार्यवाही क्यो नहीं की,यदि आप इनके खिलाफ कार्यवाही करने मे सक्षम नहीं है तो अब तक आपने अपने उच्च अधिकारियों को इनकी शिकायत क्यों नहीं की...!जैतारण वो शहर है जहां के विधायक प्रदेश के काबिना मंत्री है,क्या स्थानीय अधिकारियों को यह भी पता नही है।मेरा तो इस मामले मे माननीय मंत्रीजी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी पाली से यह अनुरोध है की वे इस मामले की जांच करवाकर ऐसे कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की पहल करे।हालांकि इस दफ्तर मे बड़ा कार्मिक होने की वजह से कोई भी इनके खिलाफ मुंह खोलने की जहमत नहीं करेंगे, लेकिन उच्च अधिकारियों की वीडियो कान्फ्रेंसिंग वाले दिन जिन चिकित्सकों ने मदहोश होने का मंजर देखा वो इनकी असलियत बयां कर सकते है,यदि वीडियो कान्फ्रेंसिंग की कई रिकॉर्ड फिल्म है तो उसमें भी यह देखा जा सकता है जिसमें एक कार्मिक मदहोशी के आलम मे अपना होश खोया हुआ दिखाई दे रहा होगा,शायद विगागीय के अधिकारियों को इन नियमों का पता नहीं है तो अपने यह बता देते है कि सरकारी दफ्तरों मे मंदिरा का सेवन करना तो दूर की बात है,इनकी परिधि मे सार्वजनिक धूमधाम करना भी कानूनन अपराध की श्रेणी मे आता है...!इस मामले को लेकर इस अनाड़ीकलमकार ने जैतारण ब्लॉक सी.एम.एच.ओ.की प्रतिक्रिया लेने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उनसे न तो मोबाइल पर सम्पर्क हो पाया और न ही वे व्यक्तिगत मिल पाये...!9413063300
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