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अशोक बम्म सियासत के शिकार हुए या व्यक्तिगत रंजिश से...!

आईबीखांन की कलम से
जैतारण नगरपालिका के वार्ड संख्या सात के निर्दलीय पार्षद अशोक बम्ब के निकाय चुनाव के बाद अधिक संतान होने के मामले मे डीएलबी जांच का सामने कर रहे श्री बम्ब की इस जांच पड़ताल मे मुश्किलें बढती है या नहीं, लेकिन इस पूरे मामले मे लोगों को अबतक यह समझ मे नहीं आ रहा है की श्री बम्ब के खिलाफ प्रार्थी मलाराम माली ने सियासती साजिश के तहत शिकायत की है या किसी व्यक्तिगत रंजिश को लेकर, अलबत्ता नगरपालिका के नेताप्रतिपक्ष श्री सुनील राठौड ने दो टूक शब्दों मे यह कहा की श्री बम्ब के मामले मे न तो उनकी और से और न ही उनके किसी सदस्यों का हाथ इसमें है।जैसा की राठौड बताते है की हम विपक्ष मे होते हुए भी शहर के बेहतर विकास के लिए बराबर बोर्ड से तालमेल रखते है।ऐसी राजनीति हम नहीं करते है।जबकि यह सर्वविदित है कि श्री बम्ब भले निर्दलीय के रूप मे चुनाव जीता हो,मगर जैतारण मे कांग्रेस के बोर्ड बनाने मे भी उनकी अहम भागीदारी रही है,ऐसे मे लाजमी है की श्री बम्ब के साथ इस मामले मे पूरा बोर्ड फिलहाल दिखावे के लिए सही मगर उनके साथ नजर आ रहा है।प्रार्थी मलाराम माली व्दारा अशोक बम्ब के चुनाव के बाद अधिक संतान होने की जिस अंदाज एवं शिकायती पत्र मे कानूनी भाषा का इस्तेमाल करने के साथ बम्ब के परिवार का बायोडाटा एकत्रित किया है,उसे देखकर यह अनाड़ीकलमकार सहज ही अनुमान लगा सकता है की इस मामले मे उन विभीषणों ने ही लंका मे आग लगाने का प्रयास किया हो जो श्री बम्ब के भी करीबी है और शिकायतकर्ता से भी बापर्दा संबंध हो,अन्यथा इतनी जानकारी एकत्रित करना हर किसी के वश की बात नहीं है।श्री अशोक बम्ब की जैतारण नगरपालिका मे नेताप्रतिपक्ष सुनील राठौड के बाद सर्वाधिक बोलने वाले एवं शहर की ज्वलंत समस्याओं रखने वाले पार्षदों मे इनकी गिनती होती है,हो सकता है उनका ज्यादा बोलना एवं पालिका अध्यक्ष सहित बोर्ड के साथ बेहतर संबंध रखना भी इनकी शिकायत होने का एक कारण यह भी रहा हो।इस उलझे सियासी सवालों से तो अभी तक यह तय नहीं हो पाया है की श्री बम्ब को सियासत का शिकार होना पडा या व्यक्तिगत रंजिश का हो।हालांकि अभी तक श्री बम्ब के पास न तो नगरपालिका ने अधिक संतान के मामले मे जबाबतलबी के लिए नोटिस भेजा है और न ही इन पर प्रार्थी मलाराम व्दारा लगाए गये वे आरोप साबित हो पाये है।बम्ब का मामला अभी दो दिन पहले डीएलबी से शिकायत मिलने के बाद उजागर हुआ ही है की इस बोर्ड के एक अन्य पार्षद के भी निकाय चुनाव के बाद तीसरी संतान होने का मामला इस अनाड़ीकलमकार के पास ही क्या, बल्कि अब तो जयपुर तलक पहुंच गया है।यह दिगर बात है की इस मामले पर डीएलबी क्या संज्ञान लेती है,यह तो समय ही बताएगा, मगर जिनके हकीकत मे तीसरी संतान है उनके चेहरे इस अनाड़ीकलमकार को मायूस मायूस नजर आने लगे है।...9413063300

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