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आखिर किसकी शह पर बन रही है यहां बहुमंजिला इमारते...!

जैतारण/आईबीखांन।
आधुनिक शहर की शक्ल का रूप इख्तियार करने जा रहे अपने जैतारण शहर में पिछले लंबे समय से शहरी निकाय के हुक्मरानो की अनदेखी के कारण यहां बिना निकाय की सहमति से बहुमंजिले इमारतों का निर्माण दिन ब दिन हो रहा है,लेकिन शहरी निकाय इन पर लगाम कसने मे नाकाम साबित हो रही है।हैरानी की बात तो यह है कि कई लोग ऐसी इमारतों के निर्माण के लिए शहरी निकाय से आवासीय प्रयोजनार्थ इसकी स्वीकृति लेते है,मगर स्वीकृति मिलने के बाद वे मौके पर व्यवसायीकरण के उद्देश्य से निर्माण करते है।ऐसा भी नहीं की इन इमारतों की तामीर पर्दे मे चलता है,ऐसा भी नहीं है बकायदा भूखंडधारी खुलेआम इनका व्यवासायिक निर्माण कर रहते है मगर अपनी निकाय का कोई कारकून उन्हे दखल तक नहीं देते।जबकि अपन कल ही शहरी निकाय की वो नियमावली की पाती पढी, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि आवासीय प्रयोजनार्थ जारी तामीर की स्वीकृति पर आवासीय निर्माण होने के साथ-साथ निकाय के तकनीकी अधिकारियों को तामीर की स्वीकृति जारी करने से पहले उस भूखंड का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही उन्हें समय समय पर यह भी देखना होता है की जिस निर्माण की स्वीकृति उन्होंने जारी की है,वहां मौके पर उस रंग रूप मे निर्माण हो रहा है या उसके नक्शे मे बदलाव हो गया है।लेकिन यह देखने की कभी वे जहमत नहीं करते और अपन को मालूम भी है की वे क्यों नहीं करते है।बहुमंजिला इमारतों का निर्माण अपनी निकाय मे निर्धारित मापदंडो के तहत होनी चाहिए, मगर अपने यार शहर मे तो इन बहुमंजिला इमारतों के साथ साथ निर्माणकर्ता तहखानों(अण्डरग्राउण्ड) का निर्माण कर रहे है जो अपने शहर मे इन तहखानो का निर्माण किसी भी नियम के तहत नहीं हो सकता मगर बाझाकुड़ी रोड़ पर इन दिनो बन रही एक व्यवसायी इमारत मे इसका निर्माण खुले आम हो रहा है,लेकिन मझाल है किसी की जो इसे रोक दे...!बाझाकुड़ी रोड़ तो एक नजीर है,अलबत्ता अपने शहर मे तो हर बहुमंजिला इमारत के नीचे तहखाने बने हुए है।आखिर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना कुछ होने के बावजूद अपनी निकाय के हुक्मरानो की नींद क्यों नहीं उड़ रही है।क्या निकाय के हुक्मरानो को इसकी खबर नहीं है,या खबर से वे जानबूझकर बाखबर हो रहे है।चलते-चलते अपन तो यही कहेंगे... आखिर किसकी शह पर शहर मे यह सबकुछ हो रहा है।यदि शह नहीं है तो फिर शहर मे नियम विरुद्ध बन रही इन बहुमंजिली इमारतों के निर्माणकर्ताधर्ताओं पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है...9413063300
*नोट...यह फोटो प्रतिकात्मक रूप की है*

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