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तो क्या पुलिस इमदाद मिलने पर अतिक्रमण को ध्वस्त करेगी शहरी निकाय...!

जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण शहरी निकाय क्षेत्र के ईमली बाजार चौक मे शहरी निकाय के माननीय सदस्य अशोक बंब सहित दिगर लोगों को उनकी दुकानो के आगे किये गये अतिक्रमणो को लेकर भले ही उन्होंने शहरी निकाय के अतिक्रमण हटाये जाने का नोटिस भेजने के बाद अपनी दुकानो के आगे अस्थायी रूप से लगे टीनशैडो को हटा लिया हो,मगर शहरी निकाय उन लोगों के इस कदम से अभी संतुष्ट नहीं है।शहरी निकाय के हुक्मरानों की माने तो उन्होंने मौके पर अतिक्रमण हटाने के लिए जैतारण पुलिस से जाप्ता मागा गया है,लेकिन पुलिस व्दारा जाप्ता के मेले एवं काँलेज चुनाव इत्यादि तक व्यस्त रहने की अपनी मजबूरीया बताने के कारण फिलहाल आगामी दिनो तक अतिक्रमण हटाने की शहरी निकाय का यह कार्यक्रम भले ही ठण्डे बस्ते मे डाल दिया गया हो,लेकिन सबसे बडा अहम सवाल यह है कि यदि पुलिस अतिक्रमण हटाने के लिए प्रर्याप्त मात्रा मे जाप्ता उपलब्ध करवाती है तो क्या वाकई मे शहरी निकाय इस ईमली बाजार के चौक मे नगरपालिका के सदस्य माननीय अशोक बंब एवं दिगर अन्य लोगों के पक्के अतिक्रमण ध्वस्त कर पाएगी या नहीं, क्योंकि इस मामले मे सुना जा रहा है की शहरी निकाय के हुक्मरान तो अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार है,लेकिन निकाय के कुछ सदस्य एवं स्वयं मुख्याजी इस कार्यवाही के पक्ष मे नहीं है।खबर तो यह भी मिल रही है कि नगरपालिका के व्दारा अतिक्रमण हटाने के मामले मे जारी किये गये नोटिस पर माननीय न्यायालय व्दारा स्थगन आदेश भी दे दिया है,लेकिन यह बात अभी तक पुख्ता नहीं हो पाई है।इधर जिनके अतिक्रमण हटाने के लिए शहरी निकाय ने जो नोटिस भेजा, उस पर उन लोगों को कि जो दलीलें सामने आई है,उसमें उनका तर्क भी लाजवाब है।तर्क यह है कि शहरी निकाय माननीय न्यायालय के आदेशों को जैतारण शहर मे अबतक कितना माना है,उनका तर्क यह भी है कि जैतारण शहर मे बहुतरे पक्के अतिक्रमण हो रखें है,जहां उनको हटाने की अबतक पहल क्यों नहीं की गई।इसके अलावा कुछ जानकार लोगों का एक तर्क यह भी है कि शहरी निकाय के माननीय सदस्य अशोक बंब एवं दिगर लोगों ने अपनी दुकानो के आगे यह अतिक्रमण कोई आजकल मे या रातो रात तो किया नहीं, वर्षों पहले जब इन लोगों ने अपनी दुकानों के आगे निर्माण कार्य शुरू किया गया था,उस समय शहरी निकाय ने उनको रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया गया...!ऐसे बहुत से सवाल है जो ईमली बाजार चौक मे माननीय सदस्य अशोक बंब सहित दिगर लोगों के अतिक्रमण हटाये जाने के संबध मे सियासी हलकों मे उठने लगे है।यहां यह बताना लाजमी है कि ईमली बाजार चौक मे बढते अवैध अतिक्रमणो को लेकर शहरी निकाय की माननीया सदस्या एडवोकेट श्रीमती शरीन नाजिक ने जैतारण शहरी निकाय से लेकर शहरी निकाय विभाग जयपुर तक इसकी कुछ समय पहले लिखित मे शिकायत की गई थीं, जहां स्थानीय निकाय व्दारा इस संबंध मे जांच करने पर यह सामने आया की वाकई मे ईमली बाजार चौक अवैध अतिक्रमण की जद मे आया हुआ है।इस मामले को लेकर जैसा शहरी निकाय के हुक्मरान बता रहे है,उसके लिहाज से सभी चिन्हित अतिक्रमकारीयो को लिखित मे नोटिस भेजकर उनके मूल दस्तावेज मांगे गए थे।यह दिगर बात है कि इनमें से कुछ लोगों ने खांचाभूमि के लिए पटटा लेने के अपने आवेदन करने के साथ ही खांचाभूमि का पटटा नहीं मिलने से पहले ही अपनी दुकानो के आगे स्थाही रूप से पक्का निर्माण तक कर दिया, मगर अब शहरी निकाय ने नियमों का हवाला देकर खांचाभूमि का पटटा जारी करने के लिए स्पष्ट इंकार कर रही है।नगरपालिका व्दारा पटटा देने से इंकार करने के बाद यह तय है की वहां नियम विरुद्ध निर्माण हो रखा है।इधर श्रीमती नाजिक का कहना है की यदि नगरपालिका इस मामले मे कोताही बरतने पर वे नियमनुसार अपनी कार्यवाही करेगी, हालांकि नगरपालिका के हुक्मरान यह कह रहे है की प्रर्याप्त पुलिस इमदाद मिलते ही मौके पर अतिक्रण हटाने की कार्यवाही अमल मे लाई जाएगी।लेकिन जैतारण सियासी हल्को मे इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पुलिस इमदाद मिलने पर वाकई मे नगरपालिका अतिक्रमण ध्वस्त करेगी या मामले को पुलिस जाप्ते का अभाव बताकर इसे ठण्डे बस्तो मे डाल देगी...9413063300

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