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19 ही क्यो,13 जुलाई को क्यो नहीं...!साधारण सभा का मामला


आईबीखांन, जैतारण की कलम से
पाठकों को याद होगा की कल बुधवार को मैने जैतारण शहरी निकाय की 13 जुलाई को आहूत की गई साधारण सभा की बैठक के बारे मे अपने अधिकारिक ब्लॉग पर जो कुछ लिखा,और मुझे यह उम्मीद थी की मेरा ब्लॉग पोस्ट के बाद जैतारण शहरी निकाय की सियासत मे कुछ उबाल जरूर आएगा और यही हुआ की मेरे लिखने के कुछ घंटों बाद शहरी निकाय के माननीया मुख्याजी का मेरे पास फोन आया, जिसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया की बैठक 19 जुलाई को आयोजित होगी, पूछने पर उन्होंने तर्क दिया की 13 जुलाई की बैठक आयोजित करने के लिए पालिका के हुक्मरानों ने उनसे रजामंदी नहीं ली।माफ करना मुख्याजी पालिका हुक्मरानों सहित आपके बोर्ड के सदस्यों ने जैसा उन्होंने बताया आपसे अनेकों बार उक्त बैठक को आयोजित करने का आग्रह किया, लेकिन आपने पिछले कई महिनों से बैठक आयोजित नहीं की,लिहाजा बैठको के अभाव शहर का विकास अवरुद्ध होने लगा,अब जब आपके बोर्ड के एक तिहाई सदस्यों ने शहरी निकाय की बैठक बुलाने का मांग पत्र पालिका के मुख्य हुक्मरान को संयुक्त रूप से लिखकर दिया तो लाजमी है पालिका हुक्मरान माननीय सदस्यों की इस मांग को ठुकरा नहीं सकते।जब उन्होंने आपकी गैर सदारत मे राज.नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 52(2)की शक्तियों का प्रयोग करते हुए 13 जुलाई को बोर्ड की बैठक आयोजित करने का माननीय सदस्यों को फरमान 5 जुलाई को जारी कर दिया।इस फरमान को बारीकी से मैंने पढा तो पता चला की यह बैठक आपकी गैर सदारत मे आयोजित होने जा रही है।एक अनाडीकलमकार होने के नाते मुझे ब्लॉग लिखने को मजबूर होना पडा की *तो क्या पालिका की मुख्याजी की गैर मौजूदगी मे होगी यह बैठक...!* क्योंकि आपकी गैर मौजूदगी मे बैठक होती है तो सियासी हल्को मे इससे आपकी किरकिरी ही होगी...!मेरे ब्लॉग लिखने के बाद जैसा मुझे उम्मीद थी की मुख्याजी मेरा ब्लॉग पढऩे के बाद इस बैठक को टालने का प्रयास जरूर करेंगे और आपने पूरे जतन भी किये।मेरे ब्लॉग सार्वजनिक होने के बाद मुख्याजी ने नगरपालिका के हुक्मरानों को 13 के स्थान पर 19 जुलाई को बैठक आयोजित करने का पत्र भी उनको दिया।यह अलग बात है की शहरी निकाय के हुक्मरान आपकी बात पर अमल करें या न करे,लेकिन एक अनाडीकलमकार होने के नाते मेरे जहन मे एक सवाल उठने लगा।सवाल यह है की जब बोर्ड के माननीय सदस्य लम्बे समय से बैठक आयोजित करने की मांग करते आ रहे थे तब आपने बैठक आयोजित क्यों नहीं की...खैर आपकी कोई मजबूरी रही होगी, लेकिन अब जब आपके बोर्ड के एक तिहाई सदस्यों की मांग पर हुक्मरानों ने 13 जुलाई को बैठक आहूत की है तो फिर 19 जुलाई को बैठक आयोजित करने के लिए आपने हुक्मरानों को क्यों लिखा...मेरी बात भले ही कडवी लग रही होगी, लेकिन मुझे भी सच लिखने की बीमारी है।ऐसे कई सवाल है।और लोगों को याद होगा या नहीं मगर मुझे अच्छी तरह से याद है की आपके बोर्ड के सदस्यों ने नवम्बर 2017 मे भी ऐसी बैठक आयोजन करने के लिए लामबंद हुए थे और उपरोक्त नियमों के तहत बैठक भी बुला ली थी,मगर उस समय आपकी मांग पर तिथि बदल भी दी गई थी,लेकिन इसबार ऐसा नहीं हुआ।जैतारण शहर की जनता ने आपको पालिका की बागडोर दी,लेकिन आप साधारण सभा की बैठक आयोजन करवाने मे इतना विलंब करते हो यह अच्छी बात नहीं है।आपके मुख्याजी होते हुए जैतारण शहरी निकाय की साधारण सभा की बैठक आपकी गैर सदारत मे हो,यह बात अच्छी नहीं है।आपके खिलाफ भले अभी तक मामूली चिंगारी निकली है,चलते चलते अपन तो यह कहेंगे की यदि इस चिंगारी को समय रहते नहीं बुझाया गया तो विधानसभा के चुनावों के बाद यह चिंगारी कई विकराल रूप धारण न कर ले...क्योंकि मुझे इसका पूर्वभ्यास अभी से होने लगा है...!आगे आपकी मर्जी...9413063300

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