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तो क्या पुराने कांग्रेसीयो से तालमेल रख पाएगे गोयल---


-आईबीखांन,जैतारण की कलम से जैतारण से पांचबार भाजपा के बेनर तले विधायक बनने वाले एवं इस क्षेत्र में भाजपा को वृटवृक्ष का रूप देने वाले पूर्व काबिना मंत्री सुरेन्द्र गोयल विधानसभा के चुनावो में बागी के रूप में चुनाव लडकर अपनी जमानत जब्त करवा चुके गोयल आखिरकार मंगलवार को कांग्रेस के राष्टीय अध्यक्ष राहुलगांधी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोेक गहलोत की मौजूदगी में जयपुर में कांग्रेस का दामन भले ही थाम लिया हो,लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेताओ की आपसी खिचतान के कारण प्रदेशभर में हमेशा से चर्चित जैतारण कांग्रेस के पुराने नेताओ से क्या गोयल आपसी तालमेल रख पाएगे या नही इस बात को लेकर गोयल के कांग्रेस में सम्मलित होने के साथ ही जैतारण के सियासी गलियारो में यह बात खास चर्चा का विषय बन गई है। बता दे की जैतारण कांग्रेस पहले से ही दो धडो में विभाजित है जहां वर्षो से यहां कांग्रेस हमेशा ही नेताओ के आगमन पर अलग अलग कार्यक्रम आयोजित होते है,ऐसे में अब गोयल के कांग्रेस में आने के बाद इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या गोयल इस गुटबाजी से उपर उठकर कांग्रेस में स्वतंत्र रूप से काम कर पाएगे या नही,क्योकि उनके सामने सबसे बडी चुनौती तो पिछले पांच चुनावो में उनके घोर प्रतिद्वूदी रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव दिलीप चैधरी है जो सम्पन्न विधानसभा के चुनावो में इसबार लगभग 12 हजार मतो से पराजित होने के बावजूद भी वे अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस सरकार का न केवल प्रतिनिधित्व हािनभी अपने हाथो में ले रखी है। ऐसी स्थिती में गोयल अपने राजनैतिक घोर विरोधी रहे चैधरी के साथ कांग्रेस की नैया पार करवाने के लिए तालमेल रख पाएगे या नही यह तो वक्त ही बताएगा,लेकिन गोयल के कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही सियासी गलियारो में यह बात जोर पकडने लगी है। हालांकि गोयल के सामने एक बडी समस्या यह भी होगी की उन्होने भले अपने राजनैतिक स्वार्थ के कारण कांग्रेस का दामन थामा है। क्यो उनके हमकदम रहने वाले उनके पुराने कार्यकर्ता उनकी तरह कांग्रेस की राह पर चल पाएगे या नही यह भी देखने वाली बात होगी। इसके अलावा किसी जमाने में भाजपा में विधायक एवं मंत्री बनकर एक छत्रराज करने वाले गोयल कांग्रेस की मौजूदा सरकार में वो पहले वाला रोप रख पाएगे या नही,क्योकि दिलीप चैधरी के होते हुए कांग्रेस में अबजलक जैतारण से कोई पता भी नही खडकता था ऐसे स्थिती में गोयल कांग्रेस मे भाजपा की पुरानी तर्ज पर अपने कार्यकर्ताओ का काम कर पाएगे या नही यह भी देखने वाली बात होगी। हालांकि इस अनाडीकलमकार ने गोयल के कुछ पुराने कार्यकर्ताओ से भी बात की जहां उनको दो टूक शब्दो में कहा कि यह फैसला पूर्व मंत्री का निजी फैसला है,बहरहाल जो भी हो मगर जैतारण के सियासी गलियारो में गोयल के कांग्रेस का दामन थामने के साथ ही इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या गोयल पुराने कांग्रेसीयो से तालमेल रख पाएगे या नही....9413063300

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