आखिर यहां हररोज क्यो फूट जाती है पाईप लाईने
जैतारण(आईबीखांन)।
सूबे का जल महकमा की डोर संभालने वाले जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के गृह शहर में पिछले दो सालो में यहां जगह जगह डाली गई भूमिगत पाईप लाईनो के रोज रोज क्षतिग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त लाईनो से बहने वाली जलधाराओ से अब न केवल शहरवासी परेशान है,अलबत्ता इन लाईनो को दुरस्त करने वाले कर्मचारी भी लीकेज निकालते निकालते अब परेशान होने लगे है। शहर मे सीवरेज लाईनो की खुदाई के अलावा हर रोज जगह जगह सड़को के मध्य उफनते पानी को देखकर अब हर किसी के जहन मे एक सवाल उठने लगा है कि आखिर इन दो सालो मे ही यह लाईने बार बार क्षतिग्रस्त क्यो हो रही है...? हमने इसकी तहकिकात करने का प्रयास किया तो कुछ जिम्मेदार अधिकारीयो का यह तर्क सामने आया कि प्रेशर एवं सड़को पर भार बढने के कारण कई बार ऐसा होने से लाईने भूमि मे दबाव नही झेल पाती जिससे यह क्षतिग्रस्त हो जाती है।लेकिन जनता तो हमेशा ही एक ही शिकायत करती है कि शहर मे पानी कम प्रेशर से आता है तो फिर यह लाईने कम प्रेशर मे क्यो टूट जाती है।इसके अलावा सड़को पर वाहनो के भारी दबाव की जो बात की जा रही है,वो बात भी हमे हजम नही हो रही है,कारण जिस जगह पर बामुश्किल साईकिल भी नही चल सकती है वहा लाईनो पर कैसा दबाव...यह विचारणीय बात है।वैसे देखा जाय तो क्षतिग्रस्त तो वो लाईने होनी चाहिए जो वर्षो पहले बिछाई गई थी,मगर जनाब यहां तो हमेशा नई पाईप लाईने ही लीकेज होती है।हालांकि लाईनो के क्षतिग्रस्त होना भले ही मामूली बात लग रही हो,लेकिन मुझे इन लाईनो की गुणवत्ता मे गडबड़जाले की बू आ रही है।आमतौर पर ठेकेदार आनन फानन मे इन लाईनो को बिछाकर चले जाते है और अधिकारी इनका भुगतान भी समय पर कर देते है।बार बार लीकेज होने वाली इन लाईनो एवं विभागीय स्वीकृत लाईन गुणवत्तायुक्त बिछाई हुई है या नही।इसकी पड़ताल करने पर असलियत सामने आ सकती है।लेकिन ऐसी जांच यहां करवाने की भी तो किसीको फूर्सत कहा है।मंत्रीजी से हरबार अभयदान पाकर अपना काम चलाने वाले अधिकारीयो की ईमानदारी पर भी तो हमे पूरा भरोसा है।शहर की लाईने दिन ब दिन भले ही क्षतिग्रस्त हो यह दिगर बात है...9413063300
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