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लापरवाही की भी कोई हद होती है...!

जैतारण(आईबीखांन)।
जैतारण शहरी निकाय परिक्षेत्र मे शहरी निकाय के हुक्मरानों की रहमदिली से यहां सीवरेज के ठेकेदारों व्दारा शहर मे चलाये जा रहे अपने सीवरेज के कार्यों मे बरती जा रही लापरवाही एवं उनके बेतरतीब कार्यों की पोल हररोज उजागर होने के बावजूद शहरी निकाय के हुक्मरानों व्दारा इन ठेकेदारों के खिलाफ अब तलक कोई सख्त कार्यवाही अमल मे नही लाने के कारण शहरी निकाय के हुक्मरानों पर अब शहरवासी अंगुलियां उठाने लगे है,इन सीवरेज के ठेकेदारों के उल्लेखनीय कार्यों से आमजन के साथ साथ दिगर सरकारी महकमो को भी परेशानीयों का सामना करना पड रहा है।इन सीवरेज के ठेकेदारों के कार्यों से जहां जलदाय महकमा लंबे समय से परेशान है तो निर्माण विभाग एवं दूरसंचार विभाग इनकी परेशानियों का दंश यू भी झेल रहे है।शनिवार को सीवरेज के ठेकेदारों के उल्लेखनीय कार्यों की एक ऐसी नजीर देखने को मिली जहां इन्होंने पिछले दिनों निम्बाज मार्ग पर सीवरेज लाईन बिछाते समय जलदाय विभाग की एक पाईप लाईन को क्षतिग्रस्त कर उसकी मरम्मत करने की बजाय उस लाईन को सीमेंट के कटे उसमें ढूस दिये।जिसका नतीजा यह रहा की जलदाय विभाग के अनेक उपभोक्ताओं के नलों मे पानी आना ही बंद हो गया।उपभोक्ता जलदाय विभाग की लापरवाही मानकर आये दिन विभाग की शिकायतों पर शिकायतें करने लगे,आज जब जलदाय विभाग के दिगर बडे अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की पानी न आने की शिकायत का समाधान करने निम्बाज रोड़ पर स्थित हनुमान गली के पास अपने स्तर पर भूमिगत पाईप लाईनो को खोदा गया तो जलदाय विभाग के अधिकारी अपनी पाईप लाईन की दशा और दिशा देखकर दंग रह गये।इन सीवरेज के ठेकेदारों ने उक्त लाईन को क्षतिग्रस्त करने के बाद इसकी मरम्मत करने की बजाय उस लाईन मे सीमेंट के खाली कटे ढूंसकर इस लाईन को चौक कर दिया गया।जलदाय विभाग के दिगर अधिकारियों ने निकाय के ठेकेदारों के इस उल्लेखनीय कार्य को मौके पर आकर देखने के लिए बकायदा निकाय के हुक्मरानों को मौके पर आने का आग्रह भी किया मगर शहरी निकाय के न तो तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर अपनी रहनुमाई मे चल रहे इस लाईन का अवलोकन किया, अलबत्ता बडे साहब ने तो छूटटी पर होने का राग अलाप कर सीवरेज के ठेकेदारों को मौके पर भेजने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी का बोझ हल्का कर दिया।जैतारण मे सीवरेज के ठेकेदारों एवं निकाय के हुक्मरानों को मेरी बात पर हरबार उनको गुस्सा भी आता होगा, लेकिन अपन ने न तो ठेकेदारों और न ही निकाय के हुक्मरानों के रस्मो रिवाज के दस्तूर मे बंधे हुए है और न ही इन लोगों से रस मल्लाई कभी खाई है,अलबत्ता चुप वे लोग है जो ठेकेदारों के रस्मो रिवाज के दुनीयावी दस्तूरो से बंधे हुए है।लोगो का तो यह आरोप है की शहरी निकाय के हुक्मरानों एवं सीवरेज के ठेकेदारों के बीच मधुर संबध होने के कारण उनकी हर खताओ को वे माफ करते है।चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की हे भगवान उन लोगों को हो सके तो माफ करना जिनकी बदौलत आज शहरवासी से लेकर सरकारी विभाग दुखी है,मगर इनके दुखों का निवारण नहीं कर पा रहे है...! 9413063300

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