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...उनकी दखलअंदाजी जायज नहीं, तो फिर इनकी जायज है क्या...?

आईबीखांन की कलम से
जैतारण शहरी निकाय की बीते सोमवार को पालिकाध्यक्षा मंजूभाटी की जरे सदारत मे आयोजित हुई बोर्ड की बैठक मे सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों ने पालिका मुख्याजी के पतिदेव के शहरी निकाय के हर कार्यों मे दखलअंदाजी के आरोप लगाकर मुख्याजी को इन माननीय सदस्यों ने घेरने का प्रयास किया, इन सदस्यों का तर्क अपन को लाजमी भी लगा,चुकि इन सदस्यों ने मुख्याजी को वोट दिया इसलिए वे इस पद पर निर्वाचित हुई।हांलाकि मे इस बैठक मे चंद मिनट के लिए ही भाग ले पाया, लिहाजा मुख्याजी ने दखलअंदाजी वाले मामले मे क्या तर्क दिया, यह अपन को पता नहीं, लेकिन एक अनाडीकलमकार होने के नाते दखलअंदाजी के मामले मे मुख्याजी को भी हाजिरजवाब देना चाहिए था,लेकिन वे नहीं दे पाये। मुख्याजी के पतिदेव शहरी निकाय के कार्यों मे दखलंदाजी करते है यह तो माननीय सदस्यों को नजर आ गया, मगर उनको यह क्यों नहीं नजर आया की जैतारण शहरी निकाय मे इनके अलावा और लोग भी तो हरदम दखल देते है...!वे लोग है महिला पार्षदों के पतिदेव, उनकी दखलअंदाजी भी तो जैतारण शहरी निकाय मे कम थोड़ी है।मे इस मामले मे न तो मुख्याजी का बचाव कर रहा हूं और न ही उनके पतिदेव की तरफदारी...!जो कडवी सच्चाई है उसे ही बयां कर रहा हूं।हालांकि मे शहरी निकाय के हुक्मरान एवं मुख्याजी मुझे अपना आलोचक मानते है,क्योंकि मे आमतौर पर उसकी आलोचना लिखता रहता हूं,और वो भी कडवी सच्चाई के साथ और आज भी यही लिखने का जतन कर रहा हूं।अपन चर्चा दखलअंदाजी पर कर रहे थे तो बताते चले की जैतारण शहरी निकाय मे मुख्याजी के मुख्या ही नहीं, यहां तो दखलअंदाजी का आलम यह है कि यहां कई महिला पार्षदों के पतिदेव, देवर यहां तक की उनके जेठ भी पालिका मे आकर रोप गालिब करते देखे जा सकते है।मेरी बात उन लोगों को यह जरूर कडवी लग रही होगी, लेकिन मेरी बात मे सच्चाई न हो तो कोई भी व्यक्ति पालिका मे ऐसे नजारे हररोज देख सकते है।इतना ही नहीं इस अनाडीकलमकार ने तो शहरी हुक्मरानों को उनकी राय लेते भी देखा है।हालांकि मे किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं लिख रहा हूं।सतापक्ष एवं विपक्षी सदस्यों ने मुख्याजी के पतिदेव की शहरी निकाय मे दखलअंदाजी का जो मामला उठाया है,मे उनकी तारीफ करता हूं,लेकिन उन लोगों से यह आग्रह भी करता हू की आप सिक्के के दूसरे पहलू को भी कभी घोर करके देखो...!इस विषय पर मुझे लिखना तो बहुत कुछ था, लेकिन स्वास्थ्य मेरा साथ नहीं दे रहा है,लिहाजा चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की शीशे के घरों मे रहने वाले वे लोग दूसरो के घरों पर पत्थर न फेकें...9413063300

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